क्या इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे T20 में डेब्यू करेंगे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने तोड़ी चुप्पी
इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—क्या 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलेगा? इस चर्चा पर भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने स्थिति साफ कर दी है। मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन मौजूदा सलामी बल्लेबाजों, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर अपना भरोसा कायम रखेगा, जिससे फिलहाल वैभव के डेब्यू का इंतजार और लंबा हो सकता है।
अनुभव बनाम प्रतिभा: क्यों बरकरार है संजू-अभिषेक का दबदबा?
मोर्ने मोर्कल ने मीडिया से बातचीत में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा का पुरजोर समर्थन किया। हालांकि सैमसन मौजूदा दौरे पर रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोच ने टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन और आईपीएल की फॉर्म को याद दिलाया। मोर्कल का मानना है कि कोचिंग स्टाफ के लिए अपने स्थापित खिलाड़ियों पर भरोसा जताना और उनका समर्थन करना जरूरी है। उन्होंने कहा, "संजू विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और अभिषेक ने भी टी20 में अपनी धाक जमाई है। टीम में सिर्फ एक युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन के दम पर किसी को हटाना सही नहीं है।"
वैभव सूर्यवंशी के लिए क्यों है अभी इंतजार?
आईपीएल में अपने बल्ले से आग उगलने वाले वैभव सूर्यवंशी के टीम में आने के बाद से ही फैंस उन्हें खेलते देखने के लिए बेताब हैं। लेकिन मोर्कल के अनुसार, टीम सिलेक्शन एक जटिल प्रक्रिया है और कोचिंग स्टाफ किसी स्थापित भूमिका को अचानक बाधित नहीं करना चाहता। मोर्कल ने जोर देकर कहा कि टीम उन खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ना चाहती है जिन्होंने विश्व कप जैसी कठिन परिस्थितियों में भारत को जीत दिलाई है। वैभव के लिए अभी और धैर्य रखने की जरूरत है, क्योंकि मैनेजमेंट का मानना है कि उन्हें सही समय पर ही बड़े मंच पर उतारना बेहतर होगा।
प्रिंस यादव के मुरीद हुए मोर्ने मोर्कल
दूसरे टी20 मैच की रणनीति के साथ-साथ मोर्कल ने तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की भी जमकर तारीफ की। अपने शुरुआती तीन मैचों में 6 विकेट लेकर तहलका मचाने वाले प्रिंस यादव की समझ और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता से मोर्कल बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, "लखनऊ सुपर जायंट्स में नेट बॉलर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रिंस का सफर शानदार रहा है। विशेषकर डेथ ओवरों में जिस तरह से वह खेल को समझते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है।" अब ओल्ड ट्रैफर्ड में सबकी निगाहें प्रिंस यादव और संजू-अभिषेक की जोड़ी पर टिकी हैं।