गजब, सिर्फ 16 रन बनाने वाले श्रेयस अय्यर को क्यों मिला 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड, कप्तान ने खुद खोला बड़ा राज

गजब, सिर्फ 16 रन बनाने वाले श्रेयस अय्यर को क्यों मिला 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड, कप्तान ने खुद खोला बड़ा राज

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे अनोखे और हैरान करने वाले वाकया देखने को मिलते हैं जो क्रिकेट प्रेमियों को गहरी सोच में डाल देते हैं। भारत और जापान के बीच खेले गए सुजुकी कप के एकमात्र टी20 मुकाबले में कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला। पांच-पांच ओवर के इस बेहद छोटे और रोमांचक मैच में टीम इंडिया ने जापान को मात्र दो रनों से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित पांच ओवरों में 4 विकेट खोकर सिर्फ 32 रन बनाए थे, जिसके जवाब में जापान की टीम भी पांच ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 30 रन ही बना सकी। जापान जैसी उभरती हुई टीम ने जिस तरह से भारत को आखिरी गेंद तक कड़ी टक्कर दी, उसने सभी को हैरान कर दिया। लेकिन इस मुकाबले का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला आकर्षण यह रहा कि पूरी पारी में मात्र 16 रन बनाने वाले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को शानदार गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों को पछाड़कर 'प्लेयर ऑफ द मैच' (Player of the Match) का प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया।

 बारिश से प्रभावित पांच ओवर का मुकाबला: जापान ने भारत को दी कड़ी टक्कर

भारत और जापान के बीच खेला गया यह विशेष टी20 मैच भारी बारिश के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसके चलते ओवर्स घटाकर पांच-पांच ओवर के कर दिए गए थे। लगातार बारिश के कारण मैदान और पिच बेहद गीली हो चुकी थी, जिससे गेंद बल्ले पर बिल्कुल भी सही तरीके से नहीं आ रही थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ और पूरी टीम बमुश्किल 5 ओवरों में 4 विकेट खोकर 32 रन ही बना सकी। इसके जवाब में जापानी बल्लेबाजों ने शानदार जज्बा दिखाया और मैच को आखिरी ओवर तक खींच लिया। जापान को जीत के लिए आखिरी ओवर में महज 8 रनों की दरकार थी और उनके 7 विकेट सुरक्षित थे। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अंत में दबाव बनाते हुए अंतिम गेंद पर मुकाबला 2 रन से अपने नाम कर लिया।

वाशिंगटन सुंदर की बेहतरीन गेंदबाजी के बावजूद श्रेयस अय्यर को क्यों मिला अवॉर्ड?

मैच में भारत की गेंदबाजी की बात करें तो स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर ने बेहद किफायती और घातक गेंदबाजी करते हुए अपने 2 ओवरों के कोटे में मात्र 13 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, और उन्हीं की गेंदबाजी के दम पर भारत मैच में वापसी कर सका था। इसके बावजूद जब मैच के अंत में 'प्लेयर ऑफ द मैच' की घोषणा हुई, तो वॉशिंगटन सुंदर की जगह कप्तान श्रेयस अय्यर का नाम सुनकर क्रिकेट फैंस काफी हैरान रह गए। मैच में केवल 12 गेंदों का सामना करते हुए एक मात्र चौके की मदद से 16 रन बनाने वाले श्रेयस अय्यर को यह पुरस्कार मिलने के पीछे की वजह बेहद दिलचस्प और पिच की कठिन परिस्थितियों से जुड़ी हुई थी।

 पिच पर सिंगल-डबल निकालना भी था टेढ़ी खीर: मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने खोले राज

अपनी पारी और टीम की जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए कप्तान श्रेयस अय्यर ने उस मुश्किल विकेट की असलियत बयां की। श्रेयस अय्यर ने कहा, "बल्लेबाजी के लिए यह विकेट बेहद कठिन और खतरनाक था। हमने हमारे सलामी बल्लेबाजों को भी देखा जो लगातार रन बनाने के आदी हैं, लेकिन वे भी पिच पर स्पिन और गेंद की धीमी गति का अंदाजा नहीं लगा पा रहे थे। क्रीज पर कदम रखते ही मैंने यह पूरी तरह तय कर लिया था कि इस पिच पर बड़े शॉट खेलने के बजाय सिंगल और डबल रन चुराना तथा स्ट्राइक रोटेट करना ही टीम के हित में सबसे जरूरी है। मैंने दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाजों से भी बात की, लेकिन इस सतह पर एक रन लेना भी किसी चुनौती से कम नहीं था।"

 परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करने की रणनीति रही कामयाब

अपनी पारी की योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए भारतीय कप्तान ने आगे कहा, "सच कहूं तो मैंने फैसला किया कि मैं केवल गेंद की गति और उसकी स्थिति के हिसाब से खेलूंगा और उसी के अनुसार अपनी योजना बनाऊंगा। पिच पर गेंद काफी घूम रही थी और रुक-रुककर आ रही थी, इसलिए मैंने अपनी गति का फायदा उठाने और क्रीज के पीछे रहकर सिंगल्स व डबल्स में फोकस करने का निर्णय लिया। मैदान के हालात को देखते हुए यह तरीका टीम के लिए सबसे ज्यादा कारगर साबित हुआ।" यही कारण है कि उस अत्यंत कठिन और लो-स्कोरिंग पिच पर कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को संभालने और मुश्किल परिस्थितियों में सूझबूझ दिखाने के लिए श्रेयस अय्यर को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया।