जेल से इमरान खान का खूंखार संदेश बेटों ने सुनाई पिता की दहाड़ बिक चुकी है जजों की आत्मा, उन्हें शर्म आनी चाहिए
News India Live, Digital Desk : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान ने जेल की सलाखों के पीछे से न्यायपालिका के खिलाफ अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अदियाला जेल में बंद इमरान खान का संदेश लेकर उनके बेटों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज बुलंद की है। इमरान के बेटों सुलेमान और कासिम खान ने दावा किया है कि उनके पिता ने पाकिस्तानी जजों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी 'आत्मा' बेच दी है और उन्हें अपने फैसलों पर शर्म आनी चाहिए। इस बयान के बाद पाकिस्तान की राजनीति और कानूनी गलियारों में भूचाल आ गया है।
लंदन की सड़कों पर इमरान के बेटों का शक्ति प्रदर्शन
हाल ही में लंदन में आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान इमरान खान के दोनों बेटे सार्वजनिक रूप से नजर आए। लंबे समय बाद मीडिया के सामने आए सुलेमान खान ने अपने पिता का जो संदेश पढ़कर सुनाया, उसने शहबाज शरीफ सरकार की नींद उड़ा दी है। सुलेमान ने कहा कि उनके पिता को अवैध तरीके से कैद में रखा गया है और पाकिस्तान की न्यायपालिका दबाव में काम कर रही है। बेटों के इस रुख से साफ है कि इमरान खान का परिवार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों का मुद्दा उठाकर पाकिस्तान सरकार की घेराबंदी करने की तैयारी में है।
न्यायपालिका पर बरसे इमरान: 'बिक चुके हैं कानून के रखवाले'
इमरान खान ने अपने संदेश में सीधा आरोप लगाया कि पाकिस्तान की अदालतों ने न्याय का गला घोंट दिया है। उन्होंने कहा, "जिन जजों पर इंसाफ की जिम्मेदारी थी, उन्होंने सत्ता के आगे घुटने टेक दिए हैं। वे अपनी आत्मा बेच चुके हैं।" इमरान का यह गुस्सा उन हालिया अदालती फैसलों के खिलाफ है, जिनमें उनकी पार्टी के नेताओं को राहत नहीं मिली और खुद उनकी रिहाई में लगातार अड़चनें पैदा की जा रही हैं। इमरान ने चेतावनी दी है कि इतिहास इन जजों को कभी माफ नहीं करेगा।
पाकिस्तान में बढ़ता राजनीतिक तनाव और इमरान की जिद
जेल में होने के बावजूद इमरान खान का प्रभाव कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है। उनके बेटों के इस ताजा बयान ने पीटीआई समर्थकों में नया जोश भर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इमरान खान अब 'आर-पार' की लड़ाई के मूड में हैं। वे जेल से बाहर आने के लिए किसी भी समझौते के बजाय सिस्टम को चुनौती देने की रणनीति पर चल रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार और सेना इमरान के इन हमलों को देश की संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश करार दे रही है। आने वाले दिनों में पाकिस्तान की सड़कों पर फिर से भारी तनाव देखने को मिल सकता है।