स्मार्टफोन चलाने वाले सावधान! Google रख रहा आपकी हर सांस पर नजर, एक क्लिक में देखें और मिटाएं अपना पूरा ‘कच्चा-चिट्ठा’

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डिजिटल डेस्क: डिजिटल क्रांति के इस दौर में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इस सहूलियत के साथ ही हमारी निजी निजता (Privacy) पर भी एक बड़ा खतरा लगातार मंडरा रहा है। क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन यानी ‘Google’ आपके हर डिजिटल कदम को मॉनिटर कर रहा है? आप इंटरनेट पर क्या सर्च कर रहे हैं, अपने फोन में कौन सा ऐप खोल रहे हैं, आप किस वक्त कहां जा रहे हैं और यहां तक कि रात के अंधेरे में आप यूट्यूब (YouTube) पर क्या देख रहे हैं—इस सब का एक-एक लेखा-जोखा गूगल के डेटाबेस में दर्ज हो रहा है। अगर आप सोच रहे हैं कि गूगल के इस जासूसी भरे मायाजाल से बचा नहीं जा सकता, तो ऐसा नहीं है। यह रिपोर्टर आज आपको गूगल की एक ऐसी हिडन सेटिंग (Google Secret Settings) के बारे में बताने जा रहा है, जिसकी मदद से आप न सिर्फ अपना सालों पुराना सर्च डेटा देख सकते हैं, बल्कि उसे हमेशा-हमेशा के लिए जड़ से मिटा भी सकते हैं।

Google की ‘तीसरी आंख’ से कुछ भी नहीं है ओझल
हम सभी रोजाना धड़ल्ले से फोन चलाते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि फोन के बैकग्राउंड में गूगल का एक खास टूल 'माय एक्टिविटी' (My Activity) चुपचाप काम कर रहा होता है। यह फीचर आपके वेब और ऐप ब्राउजिंग, लाइव लोकेशन और शॉपिंग हिस्ट्री को पल-पल रिकॉर्ड करता है। वैसे तो गूगल इसका इस्तेमाल यूजर्स को बेहतर सर्च रिजल्ट देने और टारगेट विज्ञापन (Ads) दिखाने के लिए करता है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह यूजर्स की सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से एक बहुत बड़ा जोखिम है। जरा सोचिए, यदि आपका गूगल अकाउंट किसी के हाथ लग जाए, तो आपके पूरे जीवन की जासूसी एक ही मिनट में हो सकती है।

चुटकियों में ऐसे चेक करें अपनी पूरी डिजिटल ‘कुंडली’
अगर आपके मन में यह जिज्ञासा है कि अब तक गूगल ने आपका कितना और कैसा डेटा इकट्ठा किया है, तो आपको कहीं और जाने की जरूरत नहीं है। अपनी इंटरनेट 'कुंडली' चेक करने के लिए आपको सिर्फ कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले आपको अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप के क्रोम ब्राउजर में जाकर 'Google My Activity' लिखकर सर्च करना होगा। अब आधिकारिक पोर्टल खुलने पर अपनी मौजूदा जीमेल आईडी (Gmail ID) से लॉग-इन करें। लॉग-इन करते ही स्क्रीन पर आपको तीन बड़े सेक्शन नजर आएंगे: ‘Web & App Activity’, ‘Location History’ और ‘YouTube History’। यहां पर पेज को नीचे स्क्रॉल करने पर आपको तारीख, दिन और सटीक समय (Time Stamp) के साथ अपने पूरे इतिहास की डिटेल लिस्ट मिल जाएगी, जिसे देखकर आप खुद हैरान रह जाएंगे।

अपना पर्सनल डेटा ‘Delete’ करने का ये है मास्टर प्लान
अगर आप चाहते हैं कि आपका निजी डेटा इंटरनेट से तुरंत गायब हो जाए, तो आपको दो तरीके अपनाएं होंगे—पहला मैनुअल और दूसरा ऑटोमेटिक। 'My Activity' के मेन पेज पर बाईं तरफ आपको ‘Delete activity by’ का एक खास विकल्प नजर आएगा। जैसे ही आप इस पर क्लिक करेंगे, आपसे टाइम लिमिट पूछी जाएगी। यदि आप अपने डिजिटल जन्म से लेकर आज तक की सारी हिस्ट्री एक ही बार में उड़ाना चाहते हैं, तो 'All time' ऑप्शन को चुनकर डिलीट (Delete) का बटन दबा दें। इससे आपका पुराना इतिहास साफ हो जाएगा। अब बार-बार हिस्ट्री डिलीट करने का झंझट न रहे, इसके लिए ‘Auto-delete’ मोड जरूर चालू कर लें। इसके लिए आपको 'Activity Controls' सेटिंग में जाना होगा। यहां आप गूगल को यह निर्देश दे सकते हैं कि वो आपकी 3 महीने या 18 महीने से पुरानी सारी एक्टिविटी अपने आप डिलीट कर दे। इस फीचर के चालू होते ही पुराना डेटा खुद ही सिस्टम से इरेज़ हो जाएगा।

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लोकेशन ट्रैकिंग (Location Tracking) को अभी तुरंत करें बंद
आज के समय में फिजिकल प्राइवेसी बेहद जरूरी है। गूगल आपकी हर गतिविधि के साथ आपके कदम-कदम को ट्रैक करता है। इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी Google Maps Timeline सेटिंग में जाएं और तुरंत अपनी 'Location History' को हमेशा के लिए 'Turn Off' कर दें। अंत में यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि केवल हिस्ट्री डिलीट करने से डिजिटल सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती। अपने गूगल अकाउंट को हैकर्स से बचाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2-Factor Authentication) हमेशा इनेबल रखें और बीच-बीच में 'Privacy Checkup' टूल की मदद लेते रहें। इंटरनेट के युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।