चमक उठेगी सोई हुई किस्मत ये 3 चमत्कारी रत्न खोल सकते हैं तरक्की के बंद दरवाजे, जानें धारण करने की सही विधि
News India Live, Digital Desk : रत्न शास्त्र (Gemology) के अनुसार, रत्नों में ग्रहों की ऊर्जा को नियंत्रित करने की अद्भुत शक्ति होती है। यदि सही रत्न को विधि-विधान से धारण किया जाए, तो यह न केवल व्यक्ति के भाग्य को चमका सकता है, बल्कि जीवन में आ रही बाधाओं को भी दूर कर सकता है। ज्योतिष शास्त्र में तीन ऐसे रत्नों का वर्णन किया गया है जिन्हें 'भाग्य बदलने वाला' माना जाता है। आइए जानते हैं किन लोगों के लिए ये रत्न वरदान साबित हो सकते हैं।
पुखराज (Yellow Sapphire): सुख-समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक
पुखराज को देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) का रत्न माना जाता है। बृहस्पति ग्रह को भाग्य, धन और बुद्धि का कारक माना जाता है।
किसे पहनना चाहिए: धनु और मीन राशि के जातकों के लिए यह अत्यंत शुभ है।
फायदे: इसे धारण करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और करियर में उच्च पद की प्राप्ति होती है।
धारण करने की विधि: इसे गुरुवार के दिन सोने की अंगूठी में जड़वाकर तर्जनी उंगली (Index Finger) में पहनना चाहिए।
नीलम (Blue Sapphire): रातों-रात रंक से राजा बनाने की शक्ति
नीलम को न्याय के देवता शनि देव (Saturn) का रत्न माना जाता है। यह सबसे तेजी से असर दिखाने वाला रत्न है।
किसे पहनना चाहिए: मकर और कुंभ राशि वालों के लिए यह लाभकारी है, लेकिन इसे बिना ज्योतिषीय सलाह के कभी न पहनें।
फायदे: यदि नीलम अनुकूल हो, तो यह व्यक्ति को अचानक धन लाभ और स्वास्थ्य में सुधार प्रदान करता है।
धारण करने की विधि: इसे शनिवार के दिन पंचधातु या चांदी में मध्यमा उंगली (Middle Finger) में पहनना चाहिए।
माणिक्य (Ruby): मान-सम्मान और नेतृत्व का कारक
माणिक्य ग्रहों के राजा सूर्य (Sun) का रत्न है। सूर्य का संबंध सत्ता, तेज और आत्मविश्वास से है।
किसे पहनना चाहिए: सिंह राशि के जातकों के लिए माणिक्य धारण करना सर्वोत्तम माना जाता है।
फायदे: इसे पहनने से समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ती है और सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है।
धारण करने की विधि: रविवार की सुबह तांबे या सोने की अंगूठी में इसे अनामिका उंगली (Ring Finger) में पहनना शुभ होता है।
रत्न पहनने से पहले इन 3 बातों का रखें खास ध्यान
रत्नों का प्रभाव तभी मिलता है जब वे शुद्ध हों और सही तरीके से पहने जाएं:
प्राकृतिक रत्न: हमेशा लैब सर्टिफाइड और प्राकृतिक रत्न ही चुनें। कांच या सिंथेटिक पत्थर लाभ के बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा: रत्न धारण करने से पहले उसे दूध और गंगाजल से शुद्ध कर संबंधित ग्रह के मंत्रों से अभिमंत्रित जरूर करें।
ज्योतिषीय सलाह: आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति (अकारक या मारक) के आधार पर ही रत्न का चुनाव करें। गलत रत्न विपरीत प्रभाव भी डाल सकता है।