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March 16 2026 12:35 pm

दुबई एयरपोर्ट के पास आसमानी हमला ईरान की धमकी के बाद धू-धू कर जला फ्यूल टैंक, ठप हुआ दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा

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News India Live, Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध की लपटें अब और तेज हो गई हैं। ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर हमले की सख्त चेतावनी दिए जाने के कुछ ही देर बाद, सोमवार सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) के करीब एक भीषण आग लग गई। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह आग एक संदिग्ध ड्रोन हमले (Drone Attack) के बाद लगी, जिसने एयरपोर्ट के पास स्थित एक प्रमुख फ्यूल स्टोरेज टैंक को निशाना बनाया। इस घटना के बाद दुबई प्रशासन ने एहतियातन सभी फ्लाइट्स को सस्पेंड कर दिया है।

धुएं के गुबार से ढका आसमान, उड़ानों पर ब्रेक एयरपोर्ट के पास हुए इस विस्फोट के बाद आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार देखा गया। चूँकि दुबई एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में से एक है, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए उड़ानों को तुरंत रोक दिया गया। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पड़ोसी हवाई अड्डों, जैसे अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DWC) की ओर डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

ईरान की 'आर-पार' वाली धमकी यह हमला उस वक्त हुआ है जब ईरान ने हाल ही में अमेरिका और इजरायल के समर्थन वाले देशों को चेतावनी दी थी कि यदि उसके तेल ठिकानों या परमाणु केंद्रों पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल देगा। तेहरान ने साफ कहा था कि उसके निशाने पर वे सभी देश होंगे जो अमेरिकी सेना को लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहे हैं।

भारतीय यात्रियों पर भी बड़ा असर दुबई एयरपोर्ट बंद होने से भारत से जाने वाली और वहां से आने वाली दर्जनों उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और एमिरेट्स जैसी एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। कई यात्रियों को कोच्चि और मुंबई जैसे शहरों से उड़ान भरने के बाद बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा है।

सुरक्षा स्थिति और जांच दुबई सिविल डिफेंस की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने खाड़ी देशों में सुरक्षा चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे 'हाइब्रिड वॉरफेयर' का हिस्सा मान रहे हैं, जहाँ ड्रोन्स के जरिए आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है।