शुभमन गिल की मौजूदगी बन गई है रिंकू सिंह के लिए दुश्मन? पूर्व विश्व कप विजेता ने दी चौंकाने वाली राय

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News India Live, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट टीम में इस वक्त प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है, और जब भी कोई बड़ी सीरीज़ या टूर्नामेंट पास आता है, तो चयन को लेकर अटकलें लगना आम बात है। खासकर जब बात टी20 फॉर्मेट की हो, तो फिनिशर की भूमिका निभाने वाले रिंकू सिंह और सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल जैसे नामों पर खूब चर्चा होती है। हाल ही में, 2007 टी20 विश्व कप विजेता टीम के एक सदस्य ने भारत के मौजूदा बल्लेबाजी क्रम और खिलाड़ियों के चुनाव को लेकर अपनी राय रखी है, जिस पर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान जा रहा है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा, जिन्होंने भारत को पहला टी20 वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, उनका मानना है कि टीम में शुभमन गिल की मौजूदगी कहीं न कहीं रिंकू सिंह के मौके कम कर रही है। गिल एक बेहतरीन सलामी बल्लेबाज हैं और उन्होंने तीनों फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी तकनीकी समझ और बड़ी पारियां खेलने की क्षमता किसी से छिपी नहीं है। लेकिन, उथप्पा का मानना है कि भारतीय टीम का थिंक टैंक इस बात पर मंथन कर रहा है कि टी20 क्रिकेट में किस खिलाड़ी को कहाँ फिट किया जाए, खासकर जब हमें तेज और धमाकेदार फिनिशर की जरूरत होती है।

शुभमन गिल बनाम रिंकू सिंह: एक अनोखी दुविधा

शुभमन गिल ने पिछले कुछ समय से भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर वनडे और टेस्ट में, जहां वह अपनी क्लास और धैर्य का प्रदर्शन करते हैं। हालांकि, टी20 में उनकी हालिया फॉर्म को लेकर थोड़ी चिंताएं हैं, पर उनका कद और बल्लेबाजी का अंदाज उन्हें टीम में एक स्थापित ओपनर बनाता है। वहीं, रिंकू सिंह ने आईपीएल और हाल की अंतरराष्ट्रीय टी20 सीरीज में निचले क्रम में आकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए खुद को एक बेहतरीन फिनिशर साबित किया है उनकी वो छक्के मारने की कला और मुश्किल परिस्थितियों में शांत रहकर मैच जिताने की क्षमता टीम के लिए अनमोल है।

उथप्पा कहते हैं कि अगर टीम मैनेजमेंट टॉप ऑर्डर में गिल जैसे बल्लेबाज को मौका देना चाहती है, तो उन्हें रिंकू सिंह जैसे प्योर फिनिशर के लिए जगह बनाने में थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। टी20 क्रिकेट की डिमांड अब ऐसी है कि हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका में बिल्कुल फिट होना चाहिए, और निचले क्रम में रिंकू जैसी 'पावर-हिटर' की कमी खल सकती है। उनकी राय में, अगर टीम गिल को ओपनिंग स्लॉट के लिए देखती है, तो इसका सीधा असर रिंकू सिंह के प्लेइंग इलेवन में आने के मौकों पर पड़ सकता है, खासकर बड़े टूर्नामेंट जैसे टी20 विश्व कप 2026 से पहले

टीम इंडिया को अब देखना होगा कि वह आने वाले महत्वपूर्ण मैचों और बड़े टूर्नामेंट के लिए किस तरह का बल्लेबाजी क्रम तैयार करती है – क्या वह शीर्ष क्रम में मजबूती को प्राथमिकता देती है या मध्य क्रम और निचले क्रम में विस्फोटक फिनिशरों पर ज्यादा भरोसा दिखाती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट इस उलझन से कैसे निपटती है और संतुलन साधने के लिए कौन सा रास्ता अपनाती है।