सिर्फ टैलेंट से नहीं जीतेंगे जंग शुभमन गिल ने BCCI के सामने रखी ऐसी शर्त, जिससे सुधर जाएगी टीम इंडिया

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News India Live, Digital Desk : शुभमन गिल, जो अब भारतीय टीम के 'प्रिंस' से आगे बढ़कर एक जिम्मेदार लीडर की भूमिका में आ गए हैं, उन्होंने टीम इंडिया के शेड्यूल और तैयारी को लेकर एक बहुत बड़ी बात कह दी है। गिल का मानना है कि आजकल क्रिकेट इतना तेज हो गया है कि हम एक फॉर्मेट से दूसरे फॉर्मेट में बस भाग रहे हैं, और इसका खामियाजा हमें टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में भुगतना पड़ता है।

गिल ने साफ शब्दों में इच्छा जताई है कि अब से हर बड़ी टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को कम से कम 15 दिनों का ट्रेनिंग कैंप (Camp) मिलना चाहिए।

आखिर क्यों चाहिए 15 दिन?
आपके मन में सवाल होगा कि ये खिलाड़ी साल भर तो खेलते हैं, फिर 15 दिन का कैंप अलग से क्यों? गिल का तर्क बहुत सुलझा हुआ है।
उनका कहना है कि अक्सर खिलाड़ी T20 या वनडे खेलकर सीधे टेस्ट मैच खेलने आ जाते हैं। सफेद गेंद और लाल गेंद के खेल में जमीन-आसमान का फर्क होता है। 'स्विच' दबाते ही खेल का तरीका नहीं बदलता।
15 दिन के कैंप में खिलाड़ी न सिर्फ लाल गेंद (Red Ball) के साथ अभ्यास करेंगे, बल्कि मेंटली भी खुद को 5 दिन के खेल के लिए तैयार कर पाएंगे। यह सिर्फ नेट्स में पसीना बहाना नहीं है, बल्कि मैच जैसी परिस्थितियां (Match Simulation) बनाकर खेलने की बात है।

हवा-हवाई तैयारी से नहीं मिलेगी जीत
हमने देखा है कि पिछले कुछ समय में टीम इंडिया को विदेशी दौरों पर या कई बार घर में भी शुरुआती मैचों में संघर्ष करना पड़ा है। गिल को लगता है कि अगर हम सीरीज शुरू होने से दो हफ्ते पहले साथ मिलें, टीम बॉन्डिंग हो और हम रणनीति पर काम करें, तो रिजल्ट बहुत बेहतर हो सकते हैं।

सीधा मतलब है मैच के दिन 'सरप्राइज' होने से अच्छा है कि 15 दिन पहले पसीना बहा लिया जाए।

BCCI और शेड्यूल की चुनौती
गिल की मांग सौ प्रतिशत सही है, यह क्रिकेट पंडित भी मानते हैं। लेकिन असल पेंच 'कैलेंडर' का है। टीम इंडिया का शेड्यूल इतना टाइट रहता है—कभी आईपीएल, कभी द्विपक्षीय सीरीज, तो कभी वर्ल्ड कप। ऐसे में 15 दिन का गैप निकालना बीसीसीआई के लिए टेढ़ी खीर हो सकता है।

लेकिन, जिस तरह से गिल ने यह बात रखी है, उससे लगता है कि वह कप्तानी और टीम के प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर हैं। वे जानते हैं कि शॉर्टकट से कुछ मैच तो जीते जा सकते हैं, लेकिन 'लेजेंड' बनने के लिए तपस्या जरूरी है।