श्री मौर्य ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाये विधान परिषद के सभी सदस्यों को जोड़ा जाए

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माननीय नेता सदन विधान परिषद श्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में विधान परिषद कक्ष संख्‍या 77 में बेसिक, माध्‍यमिक एवं उच्‍च शिक्षा से संबंधित सदन में उठाये गये विषयों पर अधिकारियों को निर्देश दिये। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में है। 

केशव प्रसाद मौर्य ने समस्त शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया है कि नेता विधान प्रतिपक्ष और विधान परिषद के सभी सदस्यों का एक संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप (Joint WhatsApp Group) बनाया जाए। इस ग्रुप का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनहितकारी योजनाओं और समय-समय पर जारी होने वाले आधिकारिक शासनादेशों (Government Orders) को सीधे माननीय सदस्यों तक पहुँचाना है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में स्पष्टता आएगी और सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सकेगा।

केशव प्रसाद मौर्य के इस आदेश पर नेता विधान प्रतिपक्ष श्री लाल बिहारी यादव ने न केवल अपनी पूर्ण सहमति दी, बल्कि सदन की गरिमा और सूचना पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए इस कदम के लिए नेता सदन का आभार भी व्यक्त किया।

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की जो भी विसंगतियां हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर किया जाए। उन्होंने शिक्षकों की लंबित समस्याओं और पेंशन से जुड़े मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई करने की बात कही। शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर संबंधित सदस्यों को भी सूचित किया जाए ताकि शासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बना रहे।

प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में भी पठन-पाठन के माहौल को बेहतर बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए मौर्य ने कहा कि रिसर्च और नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि फाइलों को लटकाने की पुरानी संस्कृति को खत्म कर 'डिलीवरी' पर ध्यान दें।
 

इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी जी, नेता प्रतिपक्ष विधानपरिषद सहित 9 सदस्य (MLC) एवं शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारीगण उपस्थित हुए।

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