शमी फिट हैं, विकेट ले रहे हैं फिर भी टीम इंडिया से दूर क्यों? इरफान पठान ने सेलेक्टर्स को दिखाया आईना
News India Live, Digital Desk : क्रिकेट फैंस के दिल में इन दिनों एक ही टीस है अपना "लाला" यानी मोहम्मद शमी टीम इंडिया की जर्सी में कब दिखेगा? वर्ल्ड कप में जिस गेंदबाज ने अकेले दम पर विरोधियों के छक्के छुड़ा दिए थे, आज वही अपनी वापसी के लिए संघर्ष कर रहा है। शमी चोट से उबर चुके हैं, रणजी खेल रहे हैं, विकेट चटका रहे हैं, लेकिन फिर भी सेलेक्टर्स उन्हें टीम इंडिया में मौका देने से कतरा रहे हैं। बस, यही बात पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान को हजम नहीं हो रही।
इरफान का सीधा सवाल- आखिर चाहते क्या हो?
इरफान पठान ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है और सीधे तौर पर भारतीय टीम के चयनकर्ताओं (Selectros) की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। इरफान का कहना है कि जब एक इतना सीनियर गेंदबाज पूरी तरह फिट है और घरेलू क्रिकेट में अपनी लय साबित कर चुका है, तो उसे टीम में वापस लाने के लिए इतना इंतजार क्यों करवाया जा रहा है?
"हर बार इम्तिहान क्यों?"
इरफान का गुस्सा इस बात पर है कि शमी जैसे लीजेंड्री गेंदबाज को बार-बार अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने के लिए क्यों कहा जा रहा है। घरेलू मैचों में बंगाल के लिए खेलते हुए शमी ने दिखा दिया कि वो पुरानी वाली आग अभी भी रखते हैं। इरफान ने साफ़ सुझाव दिया कि शमी को 'प्रोसेस' के नाम पर उलझाने के बजाय सीधे इंटरनेशनल मैचों में उतारा जाना चाहिए ताकि वो आगामी बड़े टूर्नामेंट्स (जैसे चैंपियंस ट्रॉफी) के लिए तैयार हो सकें।
घरेलू क्रिकेट ही पैमाना है तो शमी पास हैं
पठान ने सेलेक्टर्स को याद दिलाया कि अगर वापसी का रास्ता घरेलू क्रिकेट से होकर जाता है, तो शमी वहां भी 'पास' हो चुके हैं। उन्होंने वहां शानदार गेंदबाजी की है। ऐसे में उन्हें बाहर बैठाना न सिर्फ़ शमी के साथ नाइंसाफी है, बल्कि यह टीम इंडिया के लिए भी नुकसानदेह है।
फैंस भी यही सोच रहे हैं कि जिस गेंदबाज ने भारत को इतने मैच जिताए, उसके साथ ऐसा रूखा व्यवहार क्यों? क्या वाकई कम्युनिकेशन में कोई गैप है, या सेलेक्टर्स कुछ और ही सोच रहे हैं? खैर, इरफान पठान ने तो अपनी बात डंके की चोट पर कह दी है, अब देखना ये है कि सेलेक्टर्स की नींद कब खुलती है।