Senior Citizen Big Update 2026: बुजुर्गों के लिए 'खुशखबरी'! FD पर ज्यादा ब्याज और मेडिकल खर्च में बड़ी राहत; सरकार ने किए 5 बड़े बदलाव

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नई दिल्ली। देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए साल 2026 खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं के भारी खर्च के बीच केंद्र सरकार और बैंकों ने मिलकर बुजुर्गों की 'रिटायरमेंट लाइफ' को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इन नए फायदों का मुख्य फोकस बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा, सस्ता इलाज और नियमित आय सुनिश्चित करना है।

इन बदलावों का सीधा असर वरिष्ठ नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों और उनके भविष्य की प्लानिंग पर पड़ेगा, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बोझ के एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।

1. FD पर 'बंपर' रिटर्न: जमा पूंजी से होगी ज्यादा कमाई

वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का सबसे भरोसेमंद जरिया फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अब पहले से कहीं अधिक लाभदायक हो गया है।

एक्स्ट्रा ब्याज दर: कई प्रमुख सरकारी और निजी बैंक आम लोगों के मुकाबले सीनियर सिटीजंस को 0.50% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज दे रहे हैं।

सुरक्षित आय: शेयर बाजार के जोखिम से दूर, बुजुर्गों की वही पुरानी सेविंग्स अब पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दे रही हैं। जो लोग ब्याज के पैसे से घर चलाते हैं, उनके लिए यह बहुत बड़ी राहत है।

2. मेडिकल खर्च का बोझ कम: अब इलाज होगा सस्ता

उम्र के इस पड़ाव पर स्वास्थ्य संबंधी खर्चे सबसे बड़ी चिंता होते हैं। नए नियमों के तहत:

बेहतर इंश्योरेंस: सीनियर सिटीजंस के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम को कम किया गया है और कवरेज का दायरा बढ़ाया गया है।

फ्री हेल्थ चेकअप: कई सरकारी योजनाओं में बुजुर्गों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप और दवाइयों पर भारी छूट का प्रावधान किया गया है, जिससे इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च करने की जरूरत कम होगी।

3. टैक्स में बड़ी बचत: जेब में बचेगा ज्यादा पैसा

सरकार ने बुजुर्गों को टैक्स के मोर्चे पर भी बड़ी राहत दी है।

ब्याज पर छूट: बैंक और पोस्ट ऑफिस से मिलने वाले ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा (धारा 80TTB) के तहत अब ज्यादा बचत संभव है।

आसान फाइलिंग: आयकर विभाग ने बुजुर्गों के लिए टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को और सरल बनाया है, जिससे उन्हें अनावश्यक कानूनी जटिलताओं का सामना न करना पड़े।

4. डोरस्टेप बैंकिंग: अब बैंक जाने की झंझट खत्म

डिजिटल इंडिया के दौर में बुजुर्गों को बैंक की लाइनों से बचाने के लिए 'डोरस्टेप बैंकिंग' को अनिवार्य बनाया जा रहा है।

घर पर सुविधा: अब नकदी जमा करने, निकालने या जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जैसे जरूरी काम घर बैठे ही किए जा सकते हैं।

प्रायोरिटी सर्विस: यदि बुजुर्ग बैंक जाते भी हैं, तो उन्हें 'प्रायोरिटी काउंटर' के जरिए तुरंत सेवा प्रदान की जा रही है।

5. सामाजिक सुरक्षा: हर महीने पक्की आय का भरोसा

सरकार ने ऐसी कई 'पेंशन और इनकम स्कीम्स' को मजबूती दी है जो बाजार के उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित हैं।

रेगुलर इनकम: प्रधानमंत्री वय वंदना योजना और अन्य सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम्स (SCSS) के जरिए बुजुर्गों को हर महीने एक निश्चित राशि मिलने की गारंटी दी गई है।

आत्मविश्वास: जब पैसा और इलाज दोनों सुरक्षित होते हैं, तो वरिष्ठ नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे मानसिक रूप से अधिक शांत महसूस करते हैं।