India Passport Apply Process 2026: अब पासपोर्ट बनवाना हुआ बच्चों का खेल! 10 मिनट में भरें फॉर्म, जानें नए डिजिटल नियम और फीस
यूटिलिटी डेस्क। क्या आप भी विदेश जाकर पढ़ाई करने, नौकरी पाने या सिर्फ दुनिया घूमने का सपना देख रहे हैं? साल 2026 में भारत सरकार ने पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया (Passport Application Process) को इतना सरल और हाई-टेक बना दिया है कि अब आपको एजेंटों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और पहले से कहीं अधिक तेज हो चुकी है।
पासपोर्ट अब केवल विदेश यात्रा का जरिया नहीं, बल्कि एक बेहद शक्तिशाली पहचान पत्र (ID Proof) बन चुका है। आइए जानते हैं कि 2026 के नए नियमों के तहत आप घर बैठे मोबाइल से पासपोर्ट के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं और पुलिस वेरिफिकेशन में अब कितना समय लगता है।
1. सही पासपोर्ट का चुनाव: नॉर्मल या तत्काल?
आवेदन शुरू करने से पहले यह तय करें कि आपको पासपोर्ट कितनी जल्दी चाहिए:
नॉर्मल पासपोर्ट (Normal): सामान्य जरूरतों के लिए, जिसकी वैलिडिटी 10 साल (वयस्कों के लिए) होती है। इसकी फीस कम होती है।
तत्काल पासपोर्ट (Tatkaal): यदि आपको एमरजेंसी में विदेश जाना है, तो इस विकल्प को चुनें। इसकी फीस अधिक होती है, लेकिन पासपोर्ट मात्र कुछ ही दिनों में आपके हाथ में होता है।
2. आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (Online Process 2026)
रजिस्ट्रेशन: सबसे पहले 'Passport Seva' के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं।
फॉर्म फिलिंग: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पता और शिक्षा का विवरण सावधानी से भरें। 2026 में सिस्टम ऑटोमेटेड है, इसलिए स्पेलिंग की गलती से पासपोर्ट रुक सकता है।
फीस भुगतान: अब पेमेंट केवल डिजिटल मोड (UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड) से ही स्वीकार किया जाता है।
अपॉइंटमेंट: भुगतान के बाद अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का स्लॉट बुक करें।
3. जरूरी डॉक्यूमेंट्स: इन कागजों को रखें तैयार
2026 में डिजिटल वेरिफिकेशन सख्त है, इसलिए सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेजों में आपका नाम और जन्मतिथि एक जैसी हो:
पहचान और पता: आधार कार्ड (सबसे जरूरी), पैन कार्ड या वोटर आईडी।
जन्मतिथि: बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं की मार्कशीट।
फोटोग्राफ: केंद्र पर ही डिजिटल फोटो ली जाती है, लेकिन कुछ मामलों में पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखना बेहतर है।
4. पुलिस वेरिफिकेशन: अब है सुपर फास्ट
पहले पुलिस वेरिफिकेशन में हफ्तों लग जाते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह ऐप-आधारित और पारदर्शी हो गई है।
डिजिटल रिपोर्ट: पुलिस अधिकारी आपके पते पर आकर मोबाइल ऐप के जरिए रियल-टाइम रिपोर्ट सबमिट करते हैं।
ट्रैकिंग: आप पोर्टल पर 'एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर' के जरिए अपने पासपोर्ट का स्टेटस चेक कर सकते हैं कि वह वेरिफिकेशन में है या प्रिंटिंग स्टेज पर।
5. फीस का गणित और कॉमन गलतियां
फीस: 36 पन्नों के नॉर्मल पासपोर्ट के लिए आमतौर पर ₹1,500 की फीस लगती है, जबकि तत्काल के लिए अतिरिक्त ₹2,000 देने होते हैं।
इन गलतियों से बचें: पते में विसंगति, पुराने डॉक्यूमेंट्स अपलोड करना या अपॉइंटमेंट के दिन देरी से पहुंचना आपके आवेदन को रद्द करा सकता है।