UP New Expressway List : यूपी में बिछेगा 12 नए एक्सप्रेसवे का जाल अब हर जिले से लखनऊ-दिल्ली पहुँचना होगा आसान

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश अब देश का 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' बनने की राह पर तेज़ी से अग्रसर है। राज्य सरकार ने कनेक्टिविटी को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए 12 नए एक्सप्रेसवे (12 New Expressways) बनाने का बड़ा फैसला लिया है। वर्तमान में प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे संचालित हैं और 3 निर्माणाधीन हैं। इन नए प्रोजेक्ट्स के पूरे होने के बाद यूपी में एक्सप्रेसवे की कुल संख्या 22 हो जाएगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य में बड़ी मदद मिलेगी।

12 नए एक्सप्रेसवे: कहाँ से कहाँ तक?

सरकार का मुख्य फोकस लिंक एक्सप्रेसवे और नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर है। प्रस्तावित प्रमुख प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं:

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे: यह बुंदेलखंड को सीधे पूर्वांचल से जोड़ेगा।

झांसी-जालौन हाई-स्पीड लिंक: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की पहुँच बढ़ाएगा।

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे: करीब 700 किमी लंबा यह कॉरिडोर पूर्वी और पश्चिमी यूपी को जोड़ने वाला सबसे लंबा रूट होगा।

विंध्य एक्सप्रेसवे: प्रयागराज से सोनभद्र तक की दूरी को कम करेगा।

आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल लिंक: लखनऊ के पास इन दो बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला नया लिंक मार्ग।

रफ़्तार के साथ विकास का 'डबल इंजन'

इन एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल सफर का समय 30-40% कम होगा, बल्कि इनके किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी विकसित किए जा रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही, ये सड़कें माल ढुलाई (Logistics) के लिए लाइफलाइन साबित होंगी। गंगा एक्सप्रेसवे का काम भी 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जो मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी को महज़ कुछ घंटों में समेट देगा।

बजट और तकनीक

यूपी सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए करीब ₹50,000 करोड़ से अधिक का निवेश करने जा रही है। इन सड़कों को 'एक्सेस-कंट्रोल' बनाया जा रहा है, जहाँ गाड़ियाँ 120 किमी/घंटा की रफ़्तार से दौड़ सकेंगी। साथ ही, सुरक्षा के लिए एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।