Bihar Assembly : तुम अभी बच्चे हो, सदन में तेजस्वी और राबड़ी देवी पर क्यों भड़के नीतीश कुमार? बजट सत्र में हुआ भारी हंगामा

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News India Live, Digital Desk : बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2026 सियासी अखाड़ा बन गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच सदन के भीतर ऐसी तीखी बहस देखने को मिली, जिसने राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नीतीश कुमार ने न केवल तेजस्वी यादव को 'बच्चा' कहकर संबोधित किया, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भी तीखे निजी हमले किए।

"हम तुम्हारे बाप के जमाने के हैं": नीतीश का तीखा प्रहार

सदन में जब तेजस्वी यादव ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना आपा खो बैठे। उन्होंने खड़े होकर तेजस्वी से कहा, "अरे बैठो, तुम अभी बच्चा हो जी। हम तुम्हारे बाप (लालू यादव) के समय के नेता हैं। हमने तुमको बनाया है, चुपचाप बैठकर सुनो।" नीतीश कुमार यहीं नहीं रुके, उन्होंने तेजस्वी पर विधायकों को पैसे के दम पर तोड़ने की कोशिश करने का भी गंभीर आरोप लगाया।

राबड़ी देवी को लेकर विधान परिषद में घमासान

विधानसभा के साथ-साथ विधान परिषद में भी माहौल गरमाया रहा। जब आरजेडी नेता राबड़ी देवी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की, तो नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए उन्हें 'लड़की' कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लालू यादव के हटने के बाद इन्हें मजबूरी में मुख्यमंत्री बनाया गया था, इन्होंने खुद कभी कोई काम नहीं किया।

बजट 2026-27 की मुख्य बातें (Key Highlights):

हंगामे के बीच सरकार ने बिहार का ₹3.48 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसमें मुख्य फोकस इन पर रहा:

रोजगार: अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नौकरी और स्वरोजगार के अवसर।

मुफ्त बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली का प्रावधान।

महिला सशक्तिकरण: 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत महिलाओं को ₹2 लाख तक की आर्थिक मदद।

कनेक्टिविटी: बिहार में 5 नए एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा।

मार्शल ने विपक्षी सदस्यों को निकाला बाहर

सदन में आरजेडी और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे और नारेबाजी के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शल बुलाने पड़े। कई विपक्षी विधायकों को हाथ-पैर पकड़कर सदन से बाहर निकाला गया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय निजी हमलों का सहारा ले रही है।