सीरत कपूर: फिल्मी पर्दे की चमक के पीछे 'आर्मी ब्रैट' का अनुशासन और गौरवशाली विरासत

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जैसे ही भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, अभिनेत्री सीरत कपूर अपने परिवार की जड़ों और उस सैन्य विरासत को याद कर रही हैं जिसने उनकी परवरिश को गहराई से प्रभावित किया। सीरत के लिए गणतंत्र दिवस सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, सम्मान और सेवा की याद दिलाने वाला दिन है, जो उनके परिवार में पीढ़ियों से चला आ रहा है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि सीरत कपूर एक आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं। उनके दोनों दादाजी और उनके भाई-बहनों ने भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की है। उनका परिवार सेना और वायुसेना दोनों से जुड़ा रहा है। सीरत इसे “कर्तव्य और ईमानदारी से जुड़ी साझा जिम्मेदारी” बताती हैं।

सीरत के नाना, स्वर्गीय ब्रिगेडियर त्रिशन सिंह, ने अपने करियर की शुरुआत आर्मी एयर ऑब्ज़र्वेशन पोस्ट (Air O.P) में एक पायलट के रूप में की थी। बाद में उन्होंने ऑर्डनेंस फैक्ट्रियों का नेतृत्व किया और स्मॉल आर्म्स इंस्पेक्टर के रूप में भी देश की सेवा की। वहीं, सीरत के दादाजी भारतीय सेना में कर्नल थे।

अपने परिवार से मिले संस्कारों के बारे में बात करते हुए सीरत कहती हैं,
“मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां देश की सेवा सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी थी। मेरे दादाजी और उनके भाइयों की कर्तव्यनिष्ठा ने हमारे घर का माहौल बनाया। उनसे मैंने सीखा कि नेतृत्व का मतलब ज़िम्मेदारी है, सच्ची बहादुरी शांत होती है और असली गरिमा तब दिखती है जब कोई देखने वाला नहीं होता।”

सीरत अपने दादा-दादी को अनुशासन, विनम्रता, समय की पाबंदी और खुद से बड़े उद्देश्य की सेवा का भाव सिखाने का श्रेय देती हैं। उनका कहना है कि ये मूल्य आज भी उनके निजी और पेशेवर जीवन में उनका मार्गदर्शन करते हैं।

वह कहती हैं,
“ये सीख मुझे मेरे काम, लोगों से व्यवहार और मुश्किल समय में फैसले लेने में मदद करती है। उनकी विरासत मुझे याद दिलाती है कि चरित्र रोज़मर्रा के छोटे फैसलों से बनता है।”

इस गणतंत्र दिवस पर, सीरत कपूर अपने दादा-दादी को श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद करती हैं। सभी को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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