मासूम बेटी की आख़िरी बाय देख पत्थर दिल भी पिघल गए ,शांत हो गई प्रशांत तामांग की जादुई आवाज़

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News India Live, Digital Desk : कभी-कभी ज़िन्दगी ऐसी दुखद मोड़ ले लेती है जिस पर यकीन करना मुश्किल होता है। एक आम पुलिस वाले से सुपरस्टार बनने तक का सफ़र तय करने वाले प्रशांत तामांग की विदाई इतनी शांत और दर्दनाक होगी, ये किसी ने नहीं सोचा था।

अंतिम सफर में सिसकता दिखा परिवार
प्रशांत की अंतिम यात्रा के दौरान जो सबसे ज़्यादा झकझोर देने वाला पल था, वह था उनकी पत्नी और 3 साल की नन्ही बेटी को उन्हें आख़िरी बार देखते हुए पाना। उस मासूम बच्ची को शायद यह पता भी नहीं है कि जो पिता उसे अपनी बाहों में सुलाते थे, अब वो कभी वापस नहीं लौटेंगे। उनकी पत्नी गीता की सिसकियों ने वहाँ मौजूद हर इंसान की आँखों को नम कर दिया।

एक सिपाही और कलाकार की अनूठी पहचान
प्रशांत तामांग सिर्फ़ एक रियलिटी शो के विनर नहीं थे; उन्होंने दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी और पूरे उत्तर-पूर्व (North East) की उम्मीदों को नया पंख दिया था। पुलिस विभाग में होने के बावजूद उन्होंने अपने अंदर के कलाकार को ज़िंदा रखा। 'इंडियन आइडल' की वो ट्रॉफी सिर्फ़ उनकी जीत नहीं थी, बल्कि यह जीत थी हर उस छोटे शहर के लड़के की, जो बड़ा सपना देखता है।

हमेशा याद रहेगी उनकी मुस्कुराहट
जब वे गाते थे, तो उनकी आवाज़ में पहाड़ों जैसी सादगी और ठंडक होती थी। उनकी विदाई पर हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जो यह बताने के लिए काफी था कि लोगों के दिलों में उन्होंने अपनी कितनी गहरी जगह बनाई थी। लोग आज भी उन्हें उसी मुस्कुराहट और सरलता के साथ याद कर रहे हैं जो उनकी असली पहचान थी।

हम ईश्वर से यही दुआ करते हैं कि इस मुश्किल घड़ी में प्रशांत के परिवार को संबल मिले और उस मासूम बच्ची के सिर पर ईश्वर का साया बना रहे। शुक्रिया प्रशांत, हमारी यादों में संगीत और गौरव के कुछ अनमोल पन्ने जोड़ने के लिए।