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March 26 2026 10:39 am

असम में सीट-शेयरिंग केरल में 100 सीटों का लक्ष्य और बंगाल में क्लीन स्वीप जानें शाह-नड्डा की मिशन 2026 रणनीति

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News India Live, Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी ने 'मिशन 2026' के लिए कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने उन राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया है जहाँ विपक्ष मजबूत स्थिति में है। असम में गठबंधन को मजबूत करना, केरल में अपनी जमीन तलाशना और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के किले को ढहाना ये तीन बीजेपी के सबसे बड़े लक्ष्य हैं। आइए जानते हैं राज्यवार क्या है बीजेपी का 'बिग गेम प्लान'।

1. असम: सहयोगियों के साथ 'पावर शेयरिंग' फॉर्मूला

असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी ने सीट-शेयरिंग का एक नया फॉर्मूला तैयार किया है।

गठबंधन को प्राथमिकता: बीजेपी अपने सहयोगी दलों (AGP और UPPL) को साथ लेकर चलने की रणनीति अपना रही है ताकि विरोधी वोटों का ध्रुवीकरण रोका जा सके।

मुद्दे: घुसपैठ, परिसीमन (Delimitation) के लाभ और विकास कार्यों को ढाल बनाकर बीजेपी असम की सत्ता पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

2. केरल: 100 सीटों पर विशेष फोकस

केरल में बीजेपी अब तक एक 'मार्जिनल प्लेयर' रही है, लेकिन 2026 के लिए पार्टी ने अभूतपूर्व लक्ष्य रखा है।

100 सीटों का टारगेट: पार्टी ने राज्य की 140 विधानसभा सीटों में से 100 ऐसी सीटों की पहचान की है जहाँ ईसाई समुदाय और युवाओं का समर्थन हासिल किया जा सकता है।

अल्पसंख्यक आउटरीच: 'स्नेह यात्रा' और अन्य कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी केरल में ईसाइयों और मध्यम वर्ग के मुस्लिमों के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।

3. पश्चिम बंगाल: 'क्लीन स्वीप' की तैयारी

बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच का संघर्ष जगजाहिर है। पार्टी ने 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए 'आर-पार' की लड़ाई का मन बना लिया है।

जमीनी स्तर पर बदलाव: अमित शाह और जेपी नड्डा खुद बंगाल के सांगठनिक ढांचे की निगरानी कर रहे हैं।

मुद्दे: संदेशखाली जैसी घटनाएं, भ्रष्टाचार के आरोप और कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर बीजेपी ममता सरकार को घेरने की योजना बना रही है।

मतुआ और राजबंशी वोट: पार्टी उत्तर बंगाल और मतुआ बहुल इलाकों में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए विशेष कैंपेन चलाने वाली है।