PM Modi Speech : क्या अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? LPG संकट और पीएम मोदी के बयान
News India Live, Digital Desk: अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव और युद्ध जैसे हालातों का असर अब पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी देखने को मिल रहा है। देश में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का संकट गहराने लगा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर भारत में एक बार फिर से 'लॉकडाउन' लगने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। इस चर्चा को तब और हवा मिल गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिए अपने एक भाषण में 'कोरोना संकट' का जिक्र कर दिया। आइए जानते हैं कि आखिर इन अटकलों में कितनी सच्चाई है और पीएम मोदी ने असल में क्या संदेश दिया था।
सोशल मीडिया पर क्यों उठी लॉकडाउन की अटकलें?
दरअसल, देश में पैदा हुए मौजूदा एलपीजी संकट और मिडिल ईस्ट में मचे बवाल को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर्स लॉकडाउन को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। गौरव तोमर नाम के एक यूजर ने पीएम मोदी की संसद में बोलते हुए एक तस्वीर शेयर की और लिखा कि क्या देश में गहराते ईंधन संकट को देखते हुए मोदी जी लॉकडाउन की घोषणा कर सकते हैं? वहीं, एक अन्य यूजर ने दावा किया कि उसे देश में एक और लॉकडाउन की आहट सुनाई दे रही है। इस तरह के कई पोस्ट्स ने आम जनता के बीच बेचैनी बढ़ा दी है।
पीएम मोदी ने लोकसभा में क्या कहा था?
इन सभी अफवाहों के पीछे पीएम मोदी का वह भाषण है जो उन्होंने सोमवार को लोकसभा में दिया था। पश्चिम एशिया में पिछले तीन हफ्तों से चल रहे युद्ध पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि इस वैश्विक संकट का असर लंबा खिंचने वाला है। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि जिस तरह हमने कोरोना काल में एकजुटता के साथ महामारी रूपी चुनौती का सामना किया था, ठीक उसी तरह अब हमें फिर से तैयार रहने की जरूरत है। पीएम मोदी ने साफ कहा कि मौजूदा हालात से भारत की आर्थिक, राष्ट्रीय और मानवीय सुरक्षा के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी हो गई हैं, जिनका मुकाबला हमें संयम, धीरज और शांत मन से करना होगा।
क्या सच में लगने वाला है लॉकडाउन?
अगर आप भी सोशल मीडिया की इन बातों से परेशान हैं, तो आपको बता दें कि फिलहाल देश में लॉकडाउन लगने जैसी कोई आधिकारिक घोषणा या तैयारी नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही बातें महज अटकलें और चर्चाएं मात्र हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में 'कोरोना' का जिक्र केवल देशवासियों का हौसला बढ़ाने और मुश्किल वक्त में संयम बनाए रखने के उदाहरण के तौर पर किया था, न कि किसी पाबंदी का संकेत देने के लिए।
कोरोना काल का वह खौफनाक दौर
गौरतलब है कि जब भारत में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पहली बार लॉकडाउन जैसे सख्त कदम उठाए गए थे, तब दुनिया की लगभग 2.6 अरब से ज्यादा आबादी अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गई थी। उस दौर की पाबंदियों की यादें आज भी लोगों के जहन में ताजा हैं, यही वजह है कि 'लॉकडाउन' शब्द सुनते ही लोग सहम जाते हैं।