Say goodbye to the Habit of forgetting: एकाग्रता बढ़ाने वाले ये योगासन दिलाएंगे गजब का फायदा

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News India Live, Digital Desk: Say goodbye to the Habit of forgetting: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ता तनाव हमारे मानसिक स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित कर रहा है। चिंता, बेचैनी और खराब स्मरण शक्ति जैसी समस्याएँ आम होती जा रही हैं। ऐसे में, प्राचीन भारतीय विज्ञान 'योग' हमें इन चुनौतियों से निपटने और अपने दिमाग को तेज, शांत और मजबूत बनाने का एक बेहतरीन तरीका प्रदान करता है। कुछ योगासन ऐसे हैं, जो शरीर के साथ-साथ मन और मस्तिष्क पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और स्मरण शक्ति भी बेहतर होती है।

एक आसन जिसका नाम पश्चिमोत्तानासन है, मानसिक शांति और एकाग्रता के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इस आसन में शरीर को आगे की ओर मोड़ा जाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है और पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। यह मुद्रा दिमाग को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद करती है, जिससे मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और उसकी कार्यक्षमता बढ़ती है। यह स्मरण शक्ति और एकाग्रता दोनों के लिए लाभकारी है।

सर्वांगासन और हलासन जैसे आसन भी मस्तिष्क के लिए अद्भुत काम करते हैं। ये दोनों 'इंवर्जन' यानी उलटे होने वाले आसन हैं, जिनमें शरीर के निचले हिस्से का रक्त गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से सीधे मस्तिष्क की ओर बहता है। इस तरह शुद्ध रक्त और ऑक्सीजन की बेहतर आपूर्ति दिमाग की कोशिकाओं को पोषण देती है। यह तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है, दिमाग को शांत करता है और अवसाद तथा चिंता को कम करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से याददाश्त तेज होती है और दिमागी काम करने की क्षमता भी बढ़ती है।

कुछ बैठने वाले आसन जैसे कि पद्मासन (कमल आसन) और वज्रासन ध्यान केंद्रित करने और मन को स्थिर रखने के लिए श्रेष्ठ हैं। इन आसनों में बैठकर जब आप ध्यान या प्राणायाम करते हैं, तो मन शांत होता है, अनावश्यक विचार दूर होते हैं और आपका ध्यान पूरी तरह से वर्तमान पर केंद्रित हो पाता है। इससे एकाग्रता की शक्ति बढ़ती है, जिससे कोई भी काम सीखने और उसे याद रखने की क्षमता बेहतर होती है।

प्राणायाम यानी श्वास अभ्यास भी दिमाग को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कपालभाति प्राणायाम, जो तेज़ी से सांस छोड़ने पर केंद्रित है, मस्तिष्क में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाता है और मानसिक सुस्ती को दूर करता है। वहीं, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, जिसमें बारी-बारी से एक नासिका से श्वास लेना और दूसरी से छोड़ना होता है, यह दिमाग के दोनों हिस्सों में संतुलन लाता है और मस्तिष्क को शांत व स्थिर करता है। नियमित प्राणायाम से मानसिक स्पष्टता आती है, जो स्मरण शक्ति को मजबूत करती है और व्यक्ति की सीखने की क्षमता को भी बढ़ाती है।

योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है, यह एक पूर्ण जीवनशैली है जो आपको मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त बनाती है। नियमित अभ्यास से आप न केवल अपने दिमाग को तेज और अपनी याददाश्त को मजबूत बना सकते हैं, बल्कि आप तनाव और चिंता को कम करके एक खुशहाल और शांत जीवन जी सकते हैं। इन योगासनों को किसी प्रशिक्षित योग गुरु की देखरेख में करना सबसे अच्छा रहता है।

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