Saranda Naxal : गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला कोलबोंगा, 31 मार्च तक नक्सल-मुक्त झारखंड के लिए आर-पार की जंग

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल के जराइकेला थाना क्षेत्र स्थित कोलबोंगा शनिवार सुबह 9 बजे के करीब गोलियों की आवाज से दहल उठा। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई है। खबर है कि नक्सलियों को घेरने के लिए जवानों ने हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया है।

मुठभेड़ की मुख्य बातें (Key Highlights)

स्थान: कोलबोंगा, जराइकेला थाना क्षेत्र (सारंडा जंगल)।

समय: शनिवार, 7 मार्च 2026, सुबह लगभग 9:00 बजे।

बलों की तैनाती: सीआरपीएफ (CRPF), कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस के करीब 4000 जवान इस समय सारंडा में बड़े सर्च ऑपरेशन में लगे हैं।

ग्रामीणों में दहशत: गोलियों की आवाज इतनी तेज थी कि ग्रामीण अपने घरों में दुबक गए। पूरे इलाके को सुरक्षाबलों ने सील कर दिया है।

'मिशन 31 मार्च' और ऑपरेशन मेगाबुरु

यह मुठभेड़ केंद्र और राज्य सरकार के उस साझा संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत 31 मार्च 2026 तक झारखंड को पूरी तरह से लाल आतंक से मुक्त करने की समयसीमा तय की गई है।

अंतिम प्रहार: सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने हाल ही में चाईबासा के तिरिलपोसी कैंप का दौरा कर 'जीरो कैजुअल्टी' के साथ नक्सलियों के खात्मे की रणनीति को अंतिम रूप दिया था।

ऐतिहासिक सफलता: इससे पहले इसी साल 22 जनवरी 2026 को सारंडा में राज्य का सबसे बड़ा एनकाउंटर हुआ था, जिसमें 1 करोड़ के इनामी अनल दा (पतिराम मांझी) सहित 17 से 21 नक्सली ढेर हुए थे।

घिरे हुए नक्सली: ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और उसके बचे हुए दस्ते को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने घेराबंदी तेज कर दी है।

सुरक्षाबलों की रणनीति: हवा और जमीन से हमला

रणनीतिविवरण
हेलीकॉप्टर का उपयोगघने जंगलों में छिपे नक्सलियों की लोकेशन ट्रैक करने और हवाई फायरिंग के लिए।
फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेससारंडा के कोर इलाकों में नए कैंप (FOBs) स्थापित किए गए हैं ताकि नक्सलियों की सप्लाई लाइन काटी जा सके।
IED सर्चनक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बमों से बचने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग।