झारखंड में मौसम का मिजाज बदला आज से इन जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी आंशिक राहत
News India Live, Digital Desk: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश के बीच राहत भरी खबर है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 7 से 10 मार्च तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंशिक बादल छाने और मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विशेष रूप से कोल्हान और संताल परगना के जिलों में इसका असर अधिक देखने को मिलेगा।
किन जिलों में आज है बारिश का अलर्ट? (7 मार्च)
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना है:
कोल्हान प्रमंडल: पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और सरायकेला-खरसावां।
संताल परगना: देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा।
मध्य भाग: राजधानी रांची, खूंटी, रामगढ़ और बोकारो में भी दोपहर के बाद आंशिक बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
अगले 3 दिनों का पूर्वानुमान (8-10 मार्च)
| तारीख | मौसम का हाल |
|---|---|
| 8 मार्च | कोल्हान और संताल परगना के साथ-साथ गिरिडीह और धनबाद में भी हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना। |
| 9 मार्च | उत्तर-पूर्वी और मध्य भागों (हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह) में वज्रपात (Lightning) और तेज हवाओं का अलर्ट। |
| 10 मार्च | राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में बादल छाए रहेंगे, कहीं-कहीं छिटपुट बारिश के बाद मौसम साफ होना शुरू होगा। |
तापमान का हाल: मार्च में मई जैसी गर्मी
बारिश की संभावना के बावजूद दिन के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।
सबसे गर्म शहर: पिछले 24 घंटों में सरायकेला और चाईबासा का तापमान 35 से 36.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
रांची का हाल: राजधानी में अधिकतम तापमान 31-32 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम का विरोधाभास: एक ओर जहाँ लू (Heatwave) जैसी स्थिति बन रही है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय नमी के कारण अचानक बारिश का सिस्टम भी सक्रिय है।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम केंद्र ने 8 और 9 मार्च को विशेष रूप से मेघ गर्जन और ठनका (Vajrapat) की चेतावनी दी है:
सुरक्षित स्थान: गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास न खड़े हों।
खेती: किसानों को सलाह दी गई है कि तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और सिंचाई के लिए मौसम की स्थिति का ध्यान रखें।
स्वास्थ्य: तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार और सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतें।