CBI की खुद पर ही 'सर्जिकल स्ट्राइक': रिश्वत के खेल में अपना ही इंस्पेक्टर गिरफ्तार, 2 दिन की रिमांड पर भेजे गए दीपक फलस्वाल

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नई दिल्ली: कहते हैं कि "कानून के हाथ लंबे होते हैं", लेकिन इस बार कानून के उन लंबे हाथों ने अपनों को ही पकड़ लिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाली देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपने ही एक इंस्पेक्टर को रिश्वतखोरी के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। दिल्ली में तैनात इंस्पेक्टर दीपक फलस्वाल की गिरफ्तारी ने महकमे में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह मामला "रक्षक के भक्षक बनने" जैसा है।

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसी के अनुसार, यह गिरफ्तारी 10 मार्च 2026 को हुई। मामला एक निजी व्यक्ति से जुड़ी शिकायत को रफा-दफा करने से जुड़ा है।

रिश्वत की मांग: इंस्पेक्टर दीपक फलस्वाल पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति के खिलाफ सीबीआई में दर्ज शिकायत पर कार्रवाई न करने के बदले मोटी रकम की मांग की थी।

ट्रैप और गिरफ्तारी: मामले की भनक लगते ही सीबीआई की अपनी विजिलेंस टीम सक्रिय हुई और इंस्पेक्टर को दबोच लिया गया।

तलाशी और सबूत: गिरफ्तारी के बाद उनके रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए हैं।

अदालत का रुख

गिरफ्तारी के बाद आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और अन्य कड़ियों को जोड़ने की जरूरत को देखते हुए दीपक फलस्वाल को 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ 'महाअभियान' की कुछ अन्य बड़ी कार्रवाइयां

सीबीआई फिलहाल 'घर की सफाई' के साथ-साथ अन्य विभागों के 'बड़े शिकार' करने में भी पीछे नहीं है। हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां हुई हैं:

आरोपी अधिकारीविभाग/पदमामला
हरचरण सिंह भुल्लरDIG, रोपड़ रेंज (पंजाब)रिश्वत के मामले में छापेमारी और हिरासत।
लेफ्टिनेंट कर्नलरक्षा मंत्रालयकरोड़ों की नकदी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तारी।
दीपक फलस्वालइंस्पेक्टर, CBI दिल्लीशिकायत दबाने के बदले रिश्वत की मांग।

प्रधानमंत्री का 'जीरो टॉलरेंस' मिशन

यह कार्रवाई केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा मानी जा रही है। पीएम ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच एजेंसियां किसी भी भ्रष्टाचारी को न छोड़ें, चाहे वह उनके अपने विभाग का ही क्यों न हो। एजेंसियों को पूरी छूट दी गई है कि वे "मिशन मोड" में भ्रष्टाचार का सफाया करें।

सीबीआई का संदेश: "भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई घर से शुरू होती है।" खुद के अधिकारी पर कार्रवाई करके सीबीआई ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

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