Sankashti Chaturthi Feb 2026: आज है संकष्टी चतुर्थी, संकटों के नाश के लिए करें इस चमत्कारी गणेश स्तोत्र का पाठ

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News India Live, Digital Desk : हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और 'विघ्नहर्ता' माना गया है। आज यानी फरवरी माह की संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) मनाई जा रही है। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति आज के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करता है और व्रत रखता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। आज का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से किसी बड़ी बाधा या संकट का सामना कर रहे हैं।

संकष्टी चतुर्थी का महत्व: क्यों कहा जाता है इसे 'संकटनाशन'?

'संकष्टी' का अर्थ है संकटों को हरने वाली। मान्यता है कि आज के दिन ही भगवान शिव ने गणेश जी को सभी देवताओं में श्रेष्ठ होने का वरदान दिया था। संकष्टी चतुर्थी पर विशेष रूप से संकटनाशन गणेश स्तोत्र (Sankat Nashan Ganesh Stotram) का पाठ करने से बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।

आज का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रमा के दर्शन के बिना अधूरा माना जाता है। आज शाम को चंद्रोदय के बाद ही व्रत का पारण किया जाएगा।

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: (फरवरी की निर्धारित तिथि के अनुसार)

चंद्रोदय का समय: (आज शाम के पंचांग के अनुसार समय देखें)

पूजा का उत्तम समय: अमृत काल और शुभ योगों में पूजन करना सर्वश्रेष्ठ फलदायी होगा।

पूजा विधि: ऐसे प्रसन्न होंगे बप्पा

स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।

कलश स्थापना: पूजा स्थल पर भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

भोग और दूर्वा: बप्पा को उनके प्रिय मोदक, लड्डू और 21 दूर्वा (घास) अर्पित करें। लाल सिंदूर से तिलक लगाएं।

मंत्र और पाठ: 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें और संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें।

चंद्र दर्शन: शाम को चंद्रमा निकलने पर अर्घ्य दें और फिर व्रत खोलें।

संकटनाशन गणेश स्तोत्र का चमत्कार

यदि आप आज पूरी श्रद्धा के साथ इस स्तोत्र का पाठ करते हैं:

“प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् । भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयु:कामार्थसिद्धये ॥”तो भगवान गणेश आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। विशेष रूप से विद्यार्थियों और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह पाठ अचूक माना जाता है।

क्या न करें आज?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन तुलसी के पत्ते गणेश जी को अर्पित नहीं करने चाहिए। साथ ही, मन में किसी के प्रति द्वेष या कड़वाहट न रखें और सात्विक भोजन का ही सेवन करें।