Bihar Tourism : भागलपुर के लिए बड़ी खुशखबरी अब बुद्धिस्ट सर्किट का हिस्सा बना अंग जनपद

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News India Live, Digital Desk : बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने राज्य के पर्यटन मानचित्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए भागलपुर जिले को आधिकारिक तौर पर 'बुद्धिस्ट सर्किट' (Buddhist Circuit) में शामिल कर लिया है। अब तक गया, नालंदा और वैशाली तक सिमटा यह सर्किट अब अंग क्षेत्र की समृद्ध बौद्ध विरासत को भी दुनिया के सामने पेश करेगा।

क्यों खास है भागलपुर का चयन?

भागलपुर का प्राचीन नाम 'चंपा' रहा है, जिसका भगवान बुद्ध के जीवन से गहरा नाता है। पर्यटन विभाग के इस फैसले के पीछे कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल हैं:

विक्रमशिला विश्वविद्यालय: पाल वंश के दौरान स्थापित यह विश्वविद्यालय बौद्ध शिक्षा का वैश्विक केंद्र था। यहाँ के स्तूप और अवशेष आज भी बौद्ध अनुयायियों के लिए श्रद्धा का केंद्र हैं।

चंपापुरी: जैन धर्म के साथ-साथ बौद्ध ग्रंथों में भी इस स्थान का विशेष महत्व बताया गया है।

धरोहरा और कहलगांव: इन क्षेत्रों में खुदाई के दौरान बुद्ध की प्राचीन प्रतिमाएं और कलाकृतियां मिली हैं।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

बुद्धिस्ट सर्किट में शामिल होने के बाद भागलपुर में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का तेजी से विकास होगा। सरकार की योजना है कि:

विक्रमशिला और अन्य स्थलों तक पहुँचने के लिए बेहतर सड़कें और परिवहन सुविधाएं विकसित की जाएं।

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आधुनिक टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर और गाइड की व्यवस्था हो।

स्थानीय स्तर पर हस्तशिल्प और सिल्क उद्योग को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं।

आध्यात्मिक पर्यटन का नया हब

अभी तक थाईलैंड, जापान, और श्रीलंका जैसे देशों के पर्यटक मुख्य रूप से बोधगया और राजगीर तक ही सीमित रहते थे। भागलपुर के जुड़ने से अब पर्यटकों को एक नया और समृद्ध रूट मिलेगा, जिससे बिहार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।