Sahara Refund News: सहारा इंडिया के करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी खबर, 5 फरवरी से भुगतान की चर्चा तेज, जानें क्या है पोर्टल का पूरा सच
नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क। सहारा इंडिया (Sahara India) में अपनी गाढ़ी कमाई फंसा चुके करोड़ों निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर चल रही ताजा खबरों के अनुसार, निवेशकों के अटके हुए पैसों का भुगतान 5 फरवरी से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। सहारा रिफंड पोर्टल (CRCS Refund Portal) के माध्यम से क्लेम की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, लेकिन अब भुगतान की गति और नए अपडेट्स को लेकर निवेशकों में भारी उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है। आइए जानते हैं कि इस चर्चा के पीछे की असलियत क्या है और सरकार व न्यायालय का इस पर क्या रुख है।
सहारा रिफंड पोर्टल और क्लेम की अब तक की स्थिति
सहारा इंडिया में फंसे निवेशकों के पैसे वापस दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2024-25 में एक विशेष रिफंड पोर्टल लॉन्च किया था। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य निवेशकों से उनके बॉन्ड पेपर और दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन क्लेम स्वीकार करना था। योजना के तहत क्लेम अप्रूव होने के बाद शुरुआत में 10,000 रुपये तक की राशि निवेशकों के बैंक खातों में भेजी जानी शुरू हुई थी। हालांकि, बहुत से ऐसे निवेशक भी हैं जिनके क्लेम अभी भी प्रक्रिया (Under Process) में हैं या किन्हीं तकनीकी कारणों से अटके हुए हैं।
5,000 करोड़ बनाम 82,000 करोड़: फंड की कमी बना रोड़ा
निवेशकों के भुगतान में देरी का सबसे बड़ा कारण फंड की उपलब्धता और दावों की भारी संख्या है। उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार, सहकारिता मंत्रालय के खाते में 5,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए थे ताकि रिफंड शुरू किया जा सके। लेकिन पोर्टल पर आए आवेदनों के अनुसार, निवेशकों का कुल बकाया लगभग 82,000 करोड़ रुपये है। ऐसे में 5,000 करोड़ रुपये की राशि ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। वर्तमान में सेबी (SEBI) के पास भी सहारा के लगभग 25,000 करोड़ रुपये जमा हैं, जिन्हें रिलीज करने के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अडानी ग्रुप की अर्जी और संपत्तियों की नीलामी की चर्चा
सहारा इंडिया रिफंड मामले में एक नया मोड़ तब आया जब इंटरनेट पर अडानी ग्रुप (Adani Group) से जुड़ी खबरें सामने आईं। चर्चा है कि अडानी ग्रुप ने सहारा इंडिया की लगभग 82 बड़ी संपत्तियों (लैंड पार्सल) को चिन्हित किया है। अर्जी में यह सुझाव दिया गया है कि यदि इन संपत्तियों को नीलाम किया जाता है, तो उससे प्राप्त धनराशि निवेशकों के 82,000 करोड़ रुपये के बकाया को चुकाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। हालांकि, इस नीलामी और अडानी ग्रुप की भूमिका को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या 5 फरवरी से सच में शुरू होगा भुगतान?
सोशल मीडिया पर 5 फरवरी की तारीख को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उन पर निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सहारा इंडिया या सहकारिता मंत्रालय की ओर से अभी तक '5 फरवरी' को लेकर कोई आधिकारिक नोटिस या अधिसूचना (Official Notification) जारी नहीं की गई है। यह खबर फिलहाल केवल इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर ही प्रसारित हो रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असत्यापित पोर्टल पर अपने दस्तावेज साझा न करें और केवल आधिकारिक 'सहारा रिफंड पोर्टल' पर ही अपना स्टेटस चेक करें।
रिफंड पाने के लिए क्या करें निवेशक?
यदि आपने अभी तक रिफंड पोर्टल पर क्लेम नहीं किया है, तो अपने सभी बॉन्ड पेपर, रसीद, आधार कार्ड और पैन कार्ड के साथ ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें। यदि आपका क्लेम रिजेक्ट हो गया है, तो कमियों को सुधार कर दोबारा आवेदन (Re-submission) करने का विकल्प भी उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि पारदर्शी तरीके से चरणबद्ध तरीके से सभी निवेशकों का पैसा लौटाया जाए, लेकिन इसमें समय लग सकता है।