अमेरिका-ईरान जंग की आहट से भड़का रूस, पुतिन की सीधी चेतावनी अगर ईरान पर हुआ हमला, तो भुगतने होंगे भयानक परिणाम

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News India Live, Digital Desk: मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के गहराते बादलों के बीच अब रूस ने भी अपनी चुप्पी तोड़ दी है। अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच क्रेमलिन (रूस) ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। रूस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान पर किसी भी तरह का हमला न केवल क्षेत्र को तबाह कर देगा, बल्कि इसके 'भयानक और दूरगामी' परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने होंगे।

पुतिन का कड़ा संदेश: 'आग से न खेले अमेरिका'

रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका की 'सैन्य आक्रामकता' अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सूत्रों के मुताबिक, मॉस्को इस मामले में मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगा। रूस का मानना है कि ईरान के खिलाफ कोई भी सैन्य कदम उठाने से वैश्विक तेल बाजार धराशायी हो सकता है और एक ऐसा शरणार्थी संकट पैदा होगा जिसे संभालना मुश्किल होगा।

क्यों छिड़ने वाली है जंग?

तनाव की मुख्य वजह ईरान का परमाणु कार्यक्रम और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी है। अमेरिका ने हाल ही में अपने अत्याधुनिक युद्धपोत और बॉम्बर्स को ईरान की सीमा के करीब तैनात किया है। वॉशिंगटन का दावा है कि ईरान 'अस्थिरता' फैला रहा है, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है।

रूस और ईरान का 'पावर गेम'

रूस और ईरान के बीच हाल के वर्षों में रक्षा और रणनीतिक सहयोग काफी बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो रूस उसे सैन्य और खुफिया मदद मुहैया करा सकता है। यह स्थिति सीधे तौर पर दो महाशक्तियों (अमेरिका और रूस) को आमने-सामने ला सकती है, जो 'तीसरे विश्व युद्ध' जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।

दुनिया पर क्या होगा असर?

कच्चा तेल: खाड़ी देशों से होने वाली तेल सप्लाई बाधित होने से भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।

शेयर बाजार: वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों में डर है, जिससे शेयर बाजारों में भारी गिरावट की आशंका है।

सुरक्षा संकट: पूरे मिडिल ईस्ट में आतंकवाद और अस्थिरता का नया दौर शुरू हो सकता है।