अग्निवीर भर्ती में तोड़े सारे रिकॉर्ड, पूरे देश में सबसे ज्यादा सिलेक्शन देकर रचा नया इतिहास

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News India Live, Digital Desk: भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया (Agniveer Recruitment) के हालिया नतीजों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश (West UP) की धाक पूरे देश में जमा दी है। आंकड़ों के अनुसार, इस बार के भर्ती सीजन में पूरे भारत में सबसे अधिक युवा पश्चिमी यूपी के जिलों से चयनित हुए हैं। मेरठ और बरेली एआरओ (ARO) के अंतर्गत आने वाले जनपदों ने चयन के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

मेरठ और बरेली एआरओ का शानदार प्रदर्शन

सेना मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं ने न केवल शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) बल्कि लिखित परीक्षा (CEE) में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

मेरठ एआरओ: यहाँ से रिकॉर्ड संख्या में युवाओं ने अंतिम सूची में अपनी जगह बनाई है।

बरेली एआरओ: कुमाऊं और तराई क्षेत्र के युवाओं ने भी इस सफलता में बड़ा योगदान दिया है।

किन जिलों के युवाओं ने मारी बाजी?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे जिलों से सबसे ज्यादा सिलेक्शन हुए हैं। इन क्षेत्रों में सेना में जाने का पारंपरिक क्रेज और गांव-गांव में चल रही फिजिकल ट्रेनिंग अकादमियों को इस बड़ी सफलता का श्रेय दिया जा रहा है।

क्यों आगे रहा पश्चिमी उत्तर प्रदेश? 3 मुख्य कारण

शारीरिक मजबूती और जुनून: यहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल और कुश्ती का माहौल युवाओं को प्राकृतिक रूप से शारीरिक परीक्षाओं के लिए तैयार करता है।

बेहतर कोचिंग और गाइडेंस: मेरठ जैसे शहरों में रक्षा परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग संस्थानों की भरमार है, जिससे युवाओं को लिखित परीक्षा में मदद मिली।

पारिवारिक विरासत: इस क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहाँ से कोई सेना में न हो। 'वर्दी' पहनने का सपना यहाँ की पीढ़ियों में रचा-बसा है।

सेना की नई भर्ती नीति का असर

अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया में आए बदलावों के बावजूद पश्चिमी यूपी के युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती के दौरान युवाओं में अनुशासन और तकनीक के प्रति समझ पहले से बेहतर देखी गई है