बिग बॉस के घर में मचा बवाल,अमाल मलिक की कैप्टेंसी पर भड़के रोहन मेहरा, लगाया नाइंसाफी का आरोप

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News India Live, Digital Desk: 'बिग बॉस' का घर एक ऐसी जगह है, जहाँ दोस्त दुश्मन और दुश्मन दोस्त बनते देर नहीं लगती। हर सीजन की तरह, 'बिग बॉस 19' में भी ड्रामा और विवादों का सिलसिला शुरू हो चुका है, और इस बार इस विवाद के केंद्र में हैं घर के नए कैप्टन बने मशहूर म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक। उनकी जीत पर अब घर के बाहर से भी सवाल उठने लगे हैं, और यह सवाल उठाने वाला कोई और नहीं, बल्कि बिग बॉस के पूर्व कंटेस्टेंट और टीवी एक्टर रोहन मेहरा हैं।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में घर में कैप्टेंसी के लिए एक टास्क हुआ, जिसमें अमाल मलिक और शहनाज़ गिल के भाई शहबाज़ बदेशा के बीच कांटे की टक्कर थी। टास्क के नतीजों के अनुसार, अमाल मलिक को विजेता घोषित किया गया और वह घर के नए कप्तान बन गए। लेकिन, एपिसोड देखने वाले बहुत से दर्शकों और खुद रोहन मेहरा का मानना है कि इस टास्क में शहबाज़ के साथ नाइंसाफी हुई है।

आरोप है कि टास्क के दौरान शहबाज़ ने अमाल से पहले बजर दबाया था, लेकिन फिर भी अमाल को विजेता बना दिया गया। इसी बात को लेकर अब सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।

रोहन मेहरा ने क्यों लगाई अमाल की 'क्लास'?

'बिग बॉस 10' के फाइनलिस्ट रह चुके रोहन मेहरा, जो शो के नियमों और राजनीति को बहुत अच्छे से समझते हैं, ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अमाल मलिक को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, "जिसने खुद रियलिटी शो पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया था, वह अब खुद को घर में पक्षपाती होने दे रहा है।"

रोहन ने आगे लिखा कि उन्होंने खुद देखा कि शहबाज़ ने पहले बजर दबाया था, लेकिन जीत अमाल की हुई। उन्होंने अमाल के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो इंसान शो में आने से पहले सिस्टम और मेकर्स पर सवाल उठा रहा था, वह घर के अंदर जाते ही खुद कैसे नाइंसाफी का हिस्सा बन सकता है?

अमाल का पुराना बयान बना गले की फांस

आपको बता दें कि बिग बॉस के घर में जाने से पहले अमाल मलिक ने कई इंटरव्यू में रियलिटी शो को 'स्क्रिप्टेड' और 'अनफेयर' बताया था। अब जब वह खुद घर के अंदर हैं और उनकी जीत पर ही 'अनफेयर' होने के आरोप लग रहे हैं, तो लोग उनके पुराने बयानों को याद दिलाकर उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।

यह घटना दिखाती है कि बिग बॉस का घर वाकई एक ऐसी जगह है, जहाँ बाहर बैठकर टिप्पणी करना बहुत आसान होता है, लेकिन जब आप खुद उस माहौल में होते हैं, तो चीजें बिल्कुल अलग होती हैं। अब देखना यह होगा कि 'वीकेंड का वार' में सलमान खान इस मुद्दे को उठाते हैं या नहीं।