Respiratory System : सांस फूलना या खांसी? कहीं आपका बढ़ता वजन आपके फेफड़ों को ही तो नहीं खा रहा

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News India Live, Digital Desk: Respiratory System : आजकल मोटापा (Obesity) सिर्फ हमारे दिल या जोड़ों को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह हमारे फेफड़ों (Lungs) के लिए भी एक गंभीर खतरा बन चुका है. बहुत से लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते, लेकिन अधिक वजन या मोटापा सीधे तौर पर आपकी श्वसन प्रणाली पर बुरा असर डाल सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं.

आइए जानते हैं कि मोटापा किस तरह आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है:

  1. फेफड़ों की क्षमता कम होना (Reduced Lung Capacity):
    • जब किसी व्यक्ति का वजन बहुत ज्यादा होता है, तो अतिरिक्त वसा छाती और पेट के आसपास जमा हो जाती है. यह वसा डायाफ्राम (पेट और छाती को अलग करने वाली मांसपेशी) पर दबाव डालती है, जिससे डायाफ्राम ठीक से फैल नहीं पाता.
    • परिणामस्वरूप, फेफड़ों को पूरी तरह से फैलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती, जिससे उनकी कुल हवा लेने की क्षमता कम हो जाती है. यह विशेष रूप से गहरी सांस लेने या व्यायाम के दौरान महसूस होता है.
  2. सांस लेने में कठिनाई (Breathlessness):
    • फेफड़ों की क्षमता कम होने और शरीर में ऑक्सीजन की अधिक आवश्यकता के कारण मोटे लोगों को अक्सर सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है, खासकर थोड़ी सी भी शारीरिक गतिविधि के बाद.
    • उनके शरीर को सामान्य कार्य करने के लिए ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन फेफड़े उसे उतनी दक्षता से प्रदान नहीं कर पाते.
  3. अस्थमा और फेफड़ों के अन्य रोग (Asthma and Lung Diseases):
    • मोटापा अस्थमा के खतरे को बढ़ाता है या पहले से मौजूद अस्थमा को और खराब कर सकता है. अधिक वजन वाले लोगों में सूजन (inflammation) ज्यादा होती है, जो फेफड़ों के वायुमार्गों को संकीर्ण कर सकती है, जिससे अस्थमा के दौरे पड़ते हैं.
    • कुछ अध्ययनों से यह भी पता चला है कि मोटापा अन्य क्रॉनिक फेफड़ों की बीमारियों, जैसे स्लीप एपनिया और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) के जोखिम को भी बढ़ा सकता है.
  4. स्लीप एपनिया (Sleep Apnea):
    • यह मोटापे से जुड़ी एक आम समस्या है. इसमें नींद के दौरान व्यक्ति की सांस बार-बार कुछ समय के लिए रुक जाती है.
    • गले और गर्दन के आसपास जमा हुई अतिरिक्त वसा वायुमार्ग को अवरुद्ध कर देती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है और रात भर नींद टूटती है. यह फेफड़ों और हृदय पर अतिरिक्त तनाव डालता है.
  5. प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होना (Weakened Immune System):
    • मोटापा प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है, जिससे मोटे लोग श्वसन संक्रमण, जैसे फ्लू या निमोनिया, के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं. ये संक्रमण फेफड़ों को और अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं.

इन सभी कारणों से यह साफ है कि स्वस्थ फेफड़ों के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखना बहुत जरूरी है. अपनी जीवनशैली में सुधार करके और वजन को नियंत्रित करके आप अपने फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ रख सकते हैं.