एंड्रॉयड यूजर्स के लिए राहत की खबर, अनहोनी होने पर फोन खुद बताएगा आपकी लोकेशन, बस ऑन कर लें ये सेटिंग

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News India Live, Digital Desk: अक्सर आपने फिल्मों में या कभी असली जिंदगी में भी सुना होगा कि किसी दुर्घटना या किसी अपराधी के चंगुल में फंसने पर लोग पुलिस को फोन तो लगा लेते हैं, लेकिन डर और हड़बड़ाहट में ये नहीं बता पाते कि वे आखिर हैं कहाँ। जब तक पुलिस लोकेशन ट्रैक करती है, तब तक काफी देर हो जाती है। इसी जानलेवा देरी को खत्म करने के लिए गूगल ने Emergency Location Service (ELS) को अब और भी सटीक बना दिया है।

यह काम कैसे करता है?
मान लीजिए आपने 100 या 112 जैसा कोई भी इमरजेंसी नंबर डायल किया। जैसे ही आप ये कॉल मिलाएंगे, आपका फोन अंदरूनी तौर पर आपके आसपास के वाईफाई (Wi-Fi), मोबाइल टावर्स और जीपीएस (GPS) का इस्तेमाल करके आपकी एकदम सही लोकेशन खोज निकालेगा।

मजे की बात ये है कि आपको कुछ भी अलग से नहीं करना होगा। कॉल के साथ-साथ आपकी लाइव लोकेशन खुद-ब-खुद (Automatically) उस इमरजेंसी ऑपरेटर के पास एक मैसेज के रूप में पहुँच जाएगी। इससे पुलिस या एम्बुलेंस को ये सोचने में समय नहीं गंवाना पड़ेगा कि उन्हें कहाँ पहुँचना है।

क्या गूगल हमेशा आपकी लोकेशन ट्रैक करता है?
एक आम डर ये भी होता है कि क्या गूगल हमारी हर बात और जगह की जानकारी ट्रैक कर रहा है? लेकिन यहाँ राहत की बात ये है कि ELS फीचर तभी एक्टिव होता है जब आप किसी इमरजेंसी नंबर पर कॉल करते हैं। जैसे ही आपकी कॉल खत्म होती है, लोकेशन शेयरिंग भी अपने आप बंद हो जाती है। यह पूरी तरह आपकी सुरक्षा के लिए बनाया गया है, न कि आपकी जासूसी के लिए।

पुरानी तकनीक से कितना अलग?
पहले के समय में मोबाइल टावर से लोकेशन का अंदाज़ा लगाया जाता था, जिसमें अक्सर एक से दो किलोमीटर की गड़बड़ी हो जाती थी। लेकिन गूगल का ELS फीचर इतना सटीक है कि वह ये भी बता सकता है कि आप किसी बड़ी इमारत के किस कोने में या गली के किस मकान के पास खड़े हैं।

अभी कर लें ये छोटी सी सेटिंग
यूं तो ये फीचर ज़्यादातर नए एंड्रॉयड फोंस में अपने आप काम करता है, लेकिन फिर भी सुरक्षा के लिहाज से आप अपने फोन की Settings में जाकर 'Safety & Emergency' विकल्प के अंदर Emergency Location Service को चेक कर सकते हैं कि यह 'On' है या नहीं।

ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं, लेकिन तकनीक का सही इस्तेमाल हमें मुश्किल समय में हिम्मत दे सकता है। गूगल का ये छोटा सा कदम भविष्य में कई कीमती जानें बचा सकता है। तो अगर आप भी एंड्रॉयड यूजर हैं, तो एक बार इस सेटिंग को जरूर देख लीजिये!