Relationship Tips : प्यार में जल्दबाजी नहीं, अब चलेगा Relation-sipping जानें मॉडर्न डेटिंग का यह नया फंडा और इसके फायदे

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News India Live, Digital Desk : अगर आप सोचते हैं कि डेटिंग का मतलब केवल पहली ही मुलाकात में 'सीरियस कमिटमेंट' या 'शादी की बातें' करना है, तो शायद आप पुराने ख्यालों के हैं। आज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) ने प्यार के प्रति अपना नजरिया बदल लिया है। अब चर्चा है 'रिलेशन-सिपिंग' की।

क्या है 'रिलेशन-सिपिंग' का मतलब? (What is Relation-sipping?)

जिस तरह हम किसी गर्म कॉफी या चाय का आनंद धीरे-धीरे 'सिप' (घूंट) लेकर लेते हैं, ठीक उसी तरह 'रिलेशन-सिपिंग' का अर्थ है  किसी भी रिश्ते में बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ना।

धीमी शुरुआत: इसमें पार्टनर एक-दूसरे को समझने के लिए काफी समय लेते हैं।

कोई दबाव नहीं: इसमें किसी पर भी रिश्ते को 'लेबल' देने या जल्दी कमिटमेंट करने का प्रेशर नहीं होता।

गहराई पर ध्यान: सतही आकर्षण के बजाय, लोग एक-दूसरे की आदतों और विचारधारा को समझने पर ध्यान देते हैं।

जेन-जी को क्यों भा रहा है यह ट्रेंड?

मेंटल पीस (Mental Peace): जल्दबाजी में लिए गए फैसले अक्सर ब्रेकअप और मानसिक तनाव का कारण बनते हैं। 'रिलेशन-सिपिंग' से इमोशनल सेफ्टी बनी रहती है।

पर्सनल स्पेस: युवा अपनी स्वतंत्रता और करियर को लेकर काफी सजग हैं। वे ऐसा रिश्ता चाहते हैं जो उनकी लाइफ में बाधा न बने बल्कि धीरे-धीरे उसमें घुल जाए।

घरेलू हिंसा और टॉक्सिक रिश्तों से बचाव: जब आप किसी को लंबे समय तक परखते हैं, तो उनके स्वभाव के नकारात्मक पहलुओं को पहचानना आसान हो जाता है।

सिचुएशनशिप (Situationship) से कैसे है अलग?

अक्सर लोग इसे 'सिचुएशनशिप' समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है। सिचुएशनशिप में अक्सर स्पष्टता (Clarity) की कमी होती है, जबकि रिलेशन-सिपिंग में दोनों पार्टनर्स को पता होता है कि वे रिश्ते को समय दे रहे हैं ताकि भविष्य में एक मजबूत आधार बन सके।