सावधान! मौसम बदलने वाला है: इन राज्यों पर अगले 2 दिन रहेंगे भारी, बारिश और ओलों का RED ALERT जारी
Weather today: अगर आप घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं तो एक मिनट रुकिए! मौसम विभाग ने एक बहुत बड़ी और ज़रूरी चेतावनी जारी की है। देश के कई राज्यों में अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि अचानक तेज़ बारिश, तूफ़ानी हवाएं और ओले पड़ सकते हैं, जिससे ठंड का प्रकोप और भी ज़्यादा बढ़ जाएगा।
यह चेतावनी ख़ासकर किसान भाइयों और आम लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह बेमौसम बरसात फसलों और हमारी रोज़ की ज़िंदगी पर बुरा असर डाल सकती है।
अचानक ऐसा मौसम क्यों हो गया?
सीधी-सी भाषा में समझिए, पहाड़ों की तरफ से आ रही बर्फीली हवाएं जब समुद्र से उठी नम हवाओं से टकरा रही हैं, तो यह खतरनाक मौसम बन रहा है। इससे तापमान अचानक 5 से 7 डिग्री तक गिर सकता है, मतलब ठंड एकदम से बहुत ज़्यादा बढ़ जाएगी। दोपहर के समय ओले गिरने का खतरा सबसे ज़्यादा है। पहाड़ी इलाकों में तो ज़मीन खिसकने (लैंडस्लाइड) का भी डर बना हुआ है।
सबसे ज़्यादा खतरा किन राज्यों में है?
अगर आप इन राज्यों में रहते हैं, तो आपको ख़ास ध्यान रखने की ज़रूरत है:
- उत्तर प्रदेश और राजस्थान: यहाँ कई जिलों में तेज़ बारिश का अनुमान है।
- बिहार और झारखंड: गंगा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है।
- पंजाब और हरियाणा: किसानों की सरसों और गेहूं की फसल पर ओले गिरने से भारी नुकसान हो सकता है।
- हिमाचल और उत्तराखंड: यहाँ भारी बर्फबारी शुरू हो चुकी है, जिससे मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ेगी।
- मध्य प्रदेश: यहाँ भी कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
रेड अलर्ट का क्या मतलब है?
मौसम विभाग ने तीन तरह के अलर्ट जारी किए हैं, जिसमें रेड अलर्ट सबसे खतरनाक है।
- रेड अलर्ट: इसका मतलब है कि हालत बहुत गंभीर हो सकती है। बहुत भारी बारिश (100 मिलीमीटर से ज़्यादा) और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से ओले गिर सकते हैं। इतनी तेज़ी से गिरने वाले ओले गाड़ियों के शीशे तोड़ सकते हैं और टीन की छतों में छेद कर सकते हैं।
- ऑरेंज और येलो अलर्ट: ये भी चेतावनी हैं, लेकिन रेड अलर्ट से कम गंभीर।
लखनऊ, पटना और जयपुर जैसे बड़े शहरों में पानी भरने से जाम लग सकता है। घना कोहरा छाएगा और बिजली भी जा सकती है।
क्या-क्या नुकसान हो सकता है?
सबसे बड़ी चिंता किसानों की है। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें ओलों से पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं। सड़कों पर पानी भरने और ओलों की वजह से जाम लग सकता है और गाड़ियां फिसल सकती हैं। पहाड़ों पर तो रास्ते भी बंद हो सकते हैं।
खुद को और अपने परिवार को कैसे बचाएं?
- किसानों के लिए: अगर संभव हो, तो अपनी फ़सलों को तिरपाल या किसी चादर से ढकने की कोशिश करें। अपने जानवरों को किसी पक्की और सुरक्षित जगह पर बाँधें।
- घर से बाहर न निकलें: खासकर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। अगर निकलना बहुत ज़रूरी हो, तो छाता या रेनकोट साथ रखें।
- सुरक्षित रहें: जब बिजली कड़क रही हो, तो किसी पेड़ के नीचे या बिजली के खंभे के पास खड़े न हों।
- तैयारी रखें: गर्म कपड़े, टॉर्च, और ज़रूरी दवाइयां तैयार रखें। घर पर कुछ गर्म खाने-पीने का सामान बनाकर रखें।
- बच्चों और बूढ़ों का ख़ास ख्याल रखें, क्योंकि उन्हें ठंड लगने का खतरा सबसे ज़्यादा होता है।
यह जानकारी आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए है। इसे नज़रअंदाज़ न करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें!