UPI New Rules 2026: बदल गए यूपीआई के नियम! अब मोबाइल नंबर से नहीं भेज पाएंगे पैसे? जानें QR कोड और ATM निकासी से जुड़े 5 बड़े बदलाव

Post

लखनऊ। डिजिटल इंडिया के इस दौर में यूपीआई (UPI) हमारी जेब का सबसे भरोसेमंद साथी बन चुका है। लेकिन अगर आप अभी भी पुराने तरीके से पेमेंट कर रहे हैं, तो रुक जाइए! नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सुरक्षा और सिस्टम की मजबूती को देखते हुए 28 फरवरी 2026 से कुछ कड़े नियम लागू कर दिए हैं। वहीं, कुछ अन्य बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रहे हैं। ये नियम न केवल आपके पैसे भेजने के तरीके को बदलेंगे, बल्कि आपकी जेब पर भी असर डाल सकते हैं।

1. नंबर और UPI ID से पेमेंट हुआ बंद? जानें नया तरीका

सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव यह है कि अब आप किसी का मोबाइल नंबर या UPI ID मैन्युअली टाइप करके सीधे पेमेंट नहीं भेज पाएंगे।

क्या बदला: पहले हम मोबाइल नंबर डालकर "पे" पर क्लिक कर देते थे, लेकिन अब सुरक्षा कारणों से इस फीचर को सीमित कर दिया गया है।

अब क्या करें: अब आपको भुगतान के लिए अनिवार्य रूप से QR कोड स्कैन करना होगा या सीधे ऐप के भीतर से संपर्क (Contact) चुनना होगा।

फायदा: इससे गलत नंबर टाइप होने की वजह से किसी और के खाते में पैसा जाने का जोखिम खत्म हो जाएगा।

2. UPI ATM निकासी: अब फ्री नहीं रहेगा कैश निकालना!

1 अप्रैल 2026 से कार्डलेस कैश निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव हो रहा है।

नया नियम: अब यदि आप बिना कार्ड के UPI के जरिए ATM से पैसे निकालते हैं, तो वह आपकी महीने की फ्री ATM ट्रांजैक्शन लिमिट (आमतौर पर 3 से 5 बार) में गिना जाएगा।

अतिरिक्त चार्ज: यदि आपकी लिमिट खत्म हो चुकी है, तो हर निकासी पर आपको ₹23 + टैक्स तक का शुल्क देना पड़ सकता है।

3. 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' (Collect Request) पर सर्जिकल स्ट्राइक

धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए NPCI ने Peer-to-Peer Collect Request फीचर को लगभग बंद या बेहद सीमित कर दिया है।

क्यों हुआ ऐसा: जालसाज अक्सर लोगों को 'पैसे पाने' के नाम पर कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते थे और यूजर पिन डालकर अपना खाता खाली करवा लेते थे।

असर: अब अनजान लोगों से पेमेंट रिक्वेस्ट आना बंद हो जाएगा, जिससे फ्रॉड की घटनाओं में भारी कमी आएगी।

4. बड़े ट्रांजैक्शन के लिए ₹10 लाख की छूट

जहाँ एक तरफ छोटे ट्रांजैक्शन सख्त हुए हैं, वहीं व्यापारियों के लिए खुशखबरी है।

P2M लिमिट: कुछ विशेष श्रेणियों (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य या बड़े वेंडर्स) के लिए मर्चेंट पेमेंट (P2M) की सीमा को बढ़ाकर ₹10 लाख तक कर दिया गया है।

फायदा: अब बड़े भुगतानों के लिए आपको NEFT या RTGS पर निर्भर नहीं रहना होगा, यह काम तुरंत UPI से हो जाएगा।

5. नेटवर्क स्टेबिलिटी और सुरक्षा में सुधार

UPI नेटवर्क पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए सिस्टम में तकनीकी सुधार किए गए हैं। बार-बार बैलेंस चेक करने या ट्रांजैक्शन स्टेटस देखने जैसी गतिविधियों को नियंत्रित किया गया है ताकि सर्वर डाउन होने की समस्या न आए और आपका पेमेंट बीच में न फंसे।

सावधानी ही सुरक्षा है: 2026 के लिए 'सेफ' टिप्स

आदत बदलें: मोबाइल नंबर टाइप करने के बजाय हमेशा QR कोड का ही इस्तेमाल करें।

ATM लिमिट का हिसाब: महीने की शुरुआत में ही कैश की जरूरत का अंदाजा लगा लें ताकि UPI ATM ट्रांजैक्शन पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज से बच सकें।

पिन शेयर न करें: याद रखें, पैसे प्राप्त (Receive) करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन (PIN) डालने की जरूरत नहीं होती।