RBI MPC Meeting Update: लोन लेने वालों की चांदी! अब बिना गारंटी मिलेगा ₹20 लाख तक का कर्ज, छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत
नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने आम जनता और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। आरबीआई ने एक ऐतिहासिक फैसले के तहत बिना गारंटी दिए जाने वाले लोन (Unsecured Loan) की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹20 लाख कर दिया है। गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली कमेटी के इस कदम से देश में क्रेडिट फ्लो (कर्ज का प्रवाह) बढ़ेगा और मध्यम वर्ग व छोटे व्यापारियों को अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।
क्या है बिना गारंटी लोन और क्यों लिया गया यह फैसला?
बिना गारंटी वाला कर्ज (Unsecured Loan) वह होता है जिसे लेने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान के पास कोई सोना, जमीन या संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती।
दोगुनी हुई सीमा: अब तक इस तरह के लोन की अधिकतम सीमा ₹10 लाख थी, जिसे अब दोगुना कर ₹20 लाख कर दिया गया है।
अर्थव्यवस्था को रफ्तार: आरबीआई का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करना और बाजार में खपत (Consumption) को बढ़ावा देना है। इस फैसले से स्टार्टअप्स और स्वरोजगार करने वाले युवाओं को आसानी से और ज्यादा फंड उपलब्ध हो सकेगा।
बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर में आएगा उछाल
आरबीआई के इस कदम से न केवल पारंपरिक बैंकों बल्कि फिनटेक (Fintech) कंपनियों और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।
आसान फाइनेंस: छोटे व्यापारी अब बिना किसी संपत्ति के डर के अपने बिजनेस को विस्तार देने के लिए बड़े अमाउंट का लोन ले सकेंगे।
लिक्विडिटी: बैंकिंग सिस्टम में नकदी का प्रवाह सुधरेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
लोन लेने वालों के लिए क्या बदल जाएगा? (RBI Loan Rules Update)
आरबीआई के इस फैसले के बाद बैंक और एनबीएफसी (NBFC) जल्द ही अपने नए लोन प्रोडक्ट्स लॉन्च करेंगे। हालांकि, कुछ शर्तें अभी भी लागू रहेंगी:
क्रेडिट स्कोर का महत्व: चूंकि लोन बिना गारंटी के है, इसलिए आपका CIBIL स्कोर और आय (Income) का जरिया लोन मिलने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा।
ब्याज दरें: लोन की राशि बढ़ने के साथ ही बैंक आपकी क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर ब्याज दरें तय करेंगे।
चुकाने की क्षमता: विशेषज्ञों की सलाह है कि लोन की सीमा बढ़ने का मतलब यह नहीं कि आप जरूरत से ज्यादा कर्ज लें। लोन लेने से पहले अपनी चुकाने की क्षमता (Repayment Capacity) का आकलन जरूर करें।