Rang Panchami 2026 : कब है रंग पंचमी? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और वो 5 गलतियां जो भूलकर भी न करें
News India Live, Digital Desk: होली के ठीक पांच दिन बाद चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को 'रंग पंचमी' का पर्व मनाया जाता है। विशेष रूप से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश (इंदौर) और राजस्थान में इस त्योहार की धूम होली से भी ज्यादा होती है। साल 2026 में रंग पंचमी का त्योहार बहुत ही शुभ संयोग में आ रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन हवा में गुलाल उड़ाने से देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
रंग पंचमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त (Date & Timing)
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में रंग पंचमी की तिथि को लेकर कोई भ्रम नहीं है।
रंग पंचमी तिथि: 8 मार्च 2026, रविवार।
पंचमी तिथि प्रारंभ: 7 मार्च 2026, रात 08:15 बजे से।
पंचमी तिथि समाप्त: 8 मार्च 2026, शाम 06:40 बजे तक।
पूजा का शुभ समय: सुबह 09:20 से दोपहर 12:30 बजे तक।
क्यों मनाई जाती है रंग पंचमी? (Significance)
माना जाता है कि रंग पंचमी के दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों के साथ गुलाल से होली खेलते हैं। इस दिन रंगों के बजाय हवा में 'अबिर-गुलाल' उड़ाया जाता है। ऐसा करने से वातावरण में मौजूद 'रज' और 'तम' के कण समाप्त होते हैं और सात्विकता का संचार होता है। इस दिन राधा-कृष्ण को गुलाल अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है।
भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां (Mistakes to Avoid)
रंग पंचमी की पूजा और उत्सव के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, अन्यथा पुण्य फल की प्राप्ति नहीं होती:
तामसिक भोजन से बचें: इस दिन घर में मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज का सेवन न करें। यह सात्विकता का पर्व है।
किसी का अपमान न करें: रंग लगाते समय या गुलाल उड़ाते समय किसी की मर्जी के बिना उन पर रंग न डालें और अपशब्दों का प्रयोग न करें।
अंधेरे में पूजा न करें: शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाएं। अंधेरा रखना दरिद्रता को आमंत्रण देता है।
गंदे रंगों का प्रयोग: देवताओं के उत्सव में केमिकल वाले या काले रंगों का प्रयोग न करें। केवल शुद्ध गुलाल या प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें।
तुलसी को न छुएं: रंग लगे हाथों से या बिना स्नान किए तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें।
सुख-समृद्धि के लिए करें ये उपाय (Dos and Don'ts)
माता लक्ष्मी की पूजा: इस दिन कमल के फूल पर बैठी मां लक्ष्मी को गुलाबी गुलाल अर्पित करें। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है।
सूर्य देव को अर्घ्य: रविवार का दिन होने के कारण सूर्य देव को जल में थोड़ा लाल चंदन मिलाकर अर्घ्य दें।
गुलाल उड़ाएं: घर के आंगन में या छत पर खड़े होकर उत्तर दिशा की ओर गुलाल उड़ाएं, इससे घर में सुख-शांति आती है।