Ranchi Electricity : रांची में हजारों स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के उड़े होश! बिजली बिल आया Minus में, जानें क्या है असली वजह
News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची में बिजली विभाग की नई स्मार्ट मीटर योजना इन दिनों चर्चा और विवादों के केंद्र में है। शहर के करीब 38,000 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर जब इस महीने का बिजली बिल पहुंचा, तो वे अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाए। कई उपभोक्ताओं का बिल 'निगेटिव' (Negative) यानी माइनस में आया है। इस अजीबोगरीब स्थिति ने जहां एक ओर लोगों को उलझन में डाल दिया है, वहीं दूसरी ओर विभाग की तकनीकी कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है 'निगेटिव बिल' का पूरा माजरा? रांची के विभिन्न इलाकों से ऐसी शिकायतें आई हैं जहां उपभोक्ताओं का बकाया या चालू बिल शून्य से नीचे चला गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी का बिल -500 रुपये दिखा रहा है, तो इसका तकनीकी अर्थ यह होता है कि उपभोक्ता ने विभाग को पहले ही अतिरिक्त भुगतान कर दिया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि हजारों लोगों के साथ ऐसा एक साथ हुआ है, जिन्होंने कोई एक्स्ट्रा पेमेंट नहीं किया था। इससे उपभोक्ताओं में यह डर बैठ गया है कि कहीं भविष्य में उन्हें एक साथ भारी-भरकम 'एरियर' या पेनल्टी न भरनी पड़ जाए।
जेबीवीएनएल (JBVNL) ने बताई तकनीकी खराबी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के अधिकारियों ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे एक 'सॉफ्टवेयर ग्लिच' या तकनीकी त्रुटि करार दिया है। विभाग के अनुसार, पुराने मीटरों से स्मार्ट मीटर में डेटा ट्रांसफर (Data Migration) के दौरान कुछ तकनीकी खामियां आई हैं। पुराने सिस्टम में जमा 'सिक्योरिटी मनी' या 'एडवांस बैलेंस' को नए स्मार्ट मीटर के सॉफ्टवेयर ने गलत तरीके से प्रोसेस कर दिया है, जिसकी वजह से बिलिंग साइकिल में यह गड़बड़ी दिखाई दे रही है।
स्मार्ट मीटर की रिलायबिलिटी पर उठे सवाल रांची में स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य बिजली चोरी रोकना और सटीक बिलिंग सुनिश्चित करना था। लेकिन 38,000 से ज्यादा मीटरों में एक साथ आई इस खामी ने उपभोक्ताओं के भरोसे को झटका दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि बिना पूरी टेस्टिंग के सॉफ्टवेयर को लाइव करने से आम जनता को मानसिक परेशानी हो रही है। लोग इस बात से भी परेशान हैं कि अगर बिल निगेटिव है, तो क्या उनका कनेक्शन 'प्रीपेड' मोड में कट तो नहीं जाएगा?
उपभोक्ताओं के लिए विभाग की सलाह बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। विभाग की आईटी टीम इस त्रुटि को सुधारने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। जिन उपभोक्ताओं का बिल गलत आया है, उन्हें फिलहाल भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि संशोधित (Corrected) बिल जारी न हो जाए। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तकनीकी खराबी के कारण किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। यदि समस्या बनी रहती है, तो उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर लिखित शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।