Rajasthan Politics : क्या बीजेपी को रास नहीं आए मालवीय? कांग्रेस में वापसी का प्रस्ताव फास्ट ट्रैक पर, मच गया हड़कंप

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजनीति में कहावत है कि यहाँ ऊंट किस करवट बैठेगा, यह बताना सबसे मुश्किल काम है। अभी लोकसभा चुनावों के समय हमने देखा था कि कैसे दल-बदल का एक दौर चला था। उस समय वागड़ (बांसवाड़ा-डूंगरपुर) इलाके के सबसे कद्दावर आदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय (Mahendra Jeet Singh Malviya) ने कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का कमल थाम लिया था।

लेकिन, अब जो खबरें जयपुर से लेकर दिल्ली तक तैर रही हैं, वो काफी दिलचस्प हैं। सियासी गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि मालवीय जी का बीजेपी से मोहभंग हो गया है और उनकी 'घर वापसी' यानी दोबारा कांग्रेस में आने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

दिल्ली भेजी गई है फ़ाइल

अंदर की बात यह है कि यह मामला सिर्फ चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कागजों पर भी आगे बढ़ गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PCC) ने उनकी वापसी को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया है और इसे मंजूरी के लिए दिल्ली यानी AICC (All India Congress Committee) को भेज दिया है।

मजे की बात यह है कि आमतौर पर ऐसे फैसलों में काफी वक्त लगता है, लेकिन खबरों के मुताबिक, इस मामले को 'फास्ट ट्रैक' पर रखा गया है। यानी, कांग्रेस हाईकमान इस पर बहुत जल्द फैसला ले सकता है।

क्यों हो रही है वापसी?

राजनीति में न कोई स्थायी दोस्त होता है और न दुश्मन। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी में जाने के बावजूद मालवीय को वो नतीजा या रुतबा नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी। उधर, कांग्रेस भी समझ रही है कि आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिए मालवीय जैसे पुराने चेहरों की जरूरत पड़ सकती है।

हालांकि, कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ता इस वापसी को कैसे पचाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन इतना तय है कि अगर हाईकमान ने हरी झंडी दे दी, तो मालवीय जल्द ही फिर से तिरंगा गमछा पहने नजर आ सकते हैं। अब सबकी निगाहें दिल्ली दरबार पर टिकी हैं कि वहां से 'हाँ' आती है या थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।

फिलहाल, राजस्थान की राजनीति में यह "आया राम, गया राम" वाला खेल दर्शकों के लिए किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है!