Rajasthan Police : लड़की समझा, लेकिन वो कातिल निकले, डूंगरपुर हत्याकांड का पूरा सच

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में हुए सनसनीखेज राहुल उर्फ बबलू की हत्या के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है। यह हत्या किसी आपसी रंजिश या लूटपाट का नतीजा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर पनपी गैंगवार का खौफनाक अंजाम थी। और तो और, हत्या को अंजाम देने के लिए कातिल लड़की के कपड़े पहनकर आए थे ताकि कोई उन्हें पहचान न सके।

इस मामले में पुलिस ने 3 नाबालिगों समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार/निरुद्ध किया है।

क्या थी कत्ल की वह खौफनाक रात?

यह वारदात दो दिन पहले डूंगरपुर के औद्योगिक क्षेत्र में हुई थी। हमलावरों ने 19 साल के राहुल उर्फ बबलू की चाकू और तलवारों से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इस हत्याकांड की परतें खुलती गईं और सामने आई सोशल मीडिया पर वर्चस्व की लड़ाई की एक घिनौनी कहानी।

कैसे सोशल मीडिया बना हत्या की वजह?

पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की जड़ में 'देवल ग्रुप' और 'महाकाल ग्रुप' नाम के दो गिरोहों के बीच चल रही सोशल मीडिया पर जंग थी।

  • गाली-गलौज और धमकियां: दोनों ग्रुप के सदस्य इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए गाली-गलौज करते थे और लाइव आकर धमकियां देते थे।
  • फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़: ये लोग अपने-अपने ग्रुप के फॉलोअर्स बढ़ाने और इलाके में अपना दबदबा कायम करने के लिए एक-दूसरे के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट भी डालते थे।
  • बदले की आग: कुछ दिन पहले मृतक राहुल के ग्रुप के कुछ लड़कों ने आरोपी पक्ष के एक लड़के के साथ मारपीट की थी। इसी का बदला लेने के लिए यह पूरी साजिश रची गई।

लड़की के कपड़ों में छिपकर किया हमला

मुख्य आरोपी, जो 'देवल ग्रुप' का सरगना बताया जा रहा है, ने बदला लेने के लिए पूरी प्लानिंग की। हत्या वाले दिन, हमलावर तीन बाइक पर सवार होकर आए थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि इनमें से दो आरोपी लड़की के कपड़े (सलवार-सूट) पहनकर आए थे ताकि उन्हें आसानी से कोई पहचान न पाए और वे राहुल के करीब जा सकें।

उन्होंने पहले राहुल को घेरकर उसे बाइक से गिराया और फिर उस पर चाकू, तलवार और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उन्होंने राहुल पर तब तक वार किए जब तक उसकी मौत नहीं हो गई और फिर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने 8 आरोपियों को दबोचा

डूंगरपुर के एसपी मोनिका सेन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद, दो ही दिन में इस पूरी गैंग का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 5 बालिग आरोपियों और 3 नाबालिगों को पकड़ा है।

यह घटना इस बात का एक और खतरनाक उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में शुरू हुई छोटी-छोटी बातें असली दुनिया में खूनी रंजिश का रूप ले लेती हैं, खासकर युवाओं के बीच