Rajasthan Police : जयपुर में विधायक vs थानाधिकारी किशनगढ़ रेनवाल में भिड़े विद्याधर चौधरी और SHO नरेश कंवर
News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजधानी के नजदीकी इलाके किशनगढ़ रेनवाल में सत्ता की हनक और वर्दी के रूतबे के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला है। स्थानीय कांग्रेस विधायक विद्याधर चौधरी (Vidyadhar Chaudhary) और थानाधिकारी (SHO) नरेश कंवर (Naresh Kanwar) के बीच सरेआम हुई तीखी झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस विवाद ने एक बार फिर राजस्थान में 'जनप्रतिनिधि बनाम पुलिस' के पुराने संघर्ष को हवा दे दी है।
क्या है पूरा मामला? थाने के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा
घटना बुधवार (25 मार्च 2026) देर शाम की है, जब विधायक विद्याधर चौधरी किसी मामले को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ किशनगढ़ रेनवाल थाने पहुंचे थे।
विवाद की जड़: बताया जा रहा है कि विधायक किसी स्थानीय व्यक्ति को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने या किसी पुराने मामले में कार्रवाई न होने से नाराज थे।
तकरार: जब विधायक ने एसएचओ नरेश कंवर से सवाल-जवाब किए, तो बात बढ़ गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों के बीच ऊंची आवाज में बहस हो रही है। विधायक जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं एसएचओ अपनी ड्यूटी और प्रोटोकॉल का हवाला दे रही हैं।
वायरल वीडियो के मुख्य अंश: "आप अपनी मर्यादा में रहें"
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 2 मिनट के वीडियो में विवाद के तीखे पल कैद हुए हैं:
विधायक का आरोप: विद्याधर चौधरी चिल्लाते हुए कह रहे हैं कि पुलिस आम जनता को परेशान कर रही है और कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने एसएचओ पर 'सत्ता के दबाव' (वर्तमान सरकार के पक्ष में) काम करने का भी आरोप लगाया।
SHO का पलटवार: महिला थानाधिकारी नरेश कंवर ने भी दबंगई से जवाब देते हुए कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर काम कर रही हैं। उन्होंने विधायक से कहा, "आप जनप्रतिनिधि हैं, अपनी मर्यादा में रहकर बात करें। चिल्लाने से कानून नहीं बदलेगा।"
कार्यकर्ताओं का हंगामा: वीडियो में विधायक के समर्थक भी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल: कांग्रेस का प्रदर्शन
इस घटना के बाद कांग्रेस खेमे में भारी आक्रोश है।
धरना प्रदर्शन: विधायक विद्याधर चौधरी ने आरोप लगाया कि भजनलाल सरकार के राज में पुलिस बेलगाम हो गई है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने एसएचओ को तुरंत हटाने (लाइन हाजिर करने) की मांग को लेकर थाने के सामने ही संक्षिप्त धरना दिया।
भाजपा का रुख: दूसरी ओर, भाजपा के स्थानीय नेताओं ने एसएचओ का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और कांग्रेस विधायक केवल दबाव बनाने के लिए 'वीडियो पॉलिटिक्स' कर रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय ने मांगी रिपोर्ट
जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस मामले का संज्ञान लिया है।
जांच के आदेश: उच्चाधिकारियों ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
अधिकारियों का बयान: पुलिस विभाग का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी से बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, हालांकि विधायक की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
जनप्रतिनिधि और पुलिस: प्रोटोकॉल की स्थिति
आमतौर पर जनप्रतिनिधि और पुलिस के बीच प्रोटोकॉल के कुछ नियम होते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में राजस्थान में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ ये मर्यादाएं टूटी हैं।