Rajasthan JJM Scam: 5 राज्यों की पुलिस को छकाने वाला मास्टरमाइंड पूर्व IAS गिरफ्तार, 50 दिन की फरारी के बाद दिल्ली में दबोचा
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को बड़ी कामयाबी मिली है। करीब 20,000 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. सुबोध अग्रवाल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। पिछले 50 दिनों से पांच राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा दे रहे डॉ. अग्रवाल को एसीबी की टीम ने नई दिल्ली के एक ठिकाने से हिरासत में लिया और शुक्रवार को उन्हें जयपुर लाया गया।
5 राज्यों में चली लुका-छिपी: लुकआउट नोटिस के बाद चढ़े हत्थे
डॉ. सुबोध अग्रवाल की तलाश में एसीबी ने राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ के 21 शहरों में 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। 17 फरवरी को जब उनके ठिकानों पर पहली बार रेड हुई, तब वे फरार होने में सफल रहे थे। इसके बाद उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और फिर कोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी कराया गया। आखिरकार, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट के आधार पर एसीबी ने उन्हें दिल्ली के न्यू मोती बाग इलाके के पास से दबोच लिया।
पद का दुरुपयोग और 960 करोड़ के फर्जी टेंडर का खेल
जांच में खुलासा हुआ है कि पीएचईडी (PHED) के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहते हुए डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कुछ खास फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया था। आरोप है कि 'श्री गणपति ट्यूबवेल' और 'श्री श्याम ट्यूबवेल' जैसी कंपनियों ने फर्जी वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट के आधार पर करोड़ों के टेंडर हासिल किए। अधिकारियों ने जानबूझकर ऐसी शर्तें जोड़ीं जिससे टेंडर पूलिंग (Cartelisation) को बढ़ावा मिले और प्रोजेक्ट्स की लागत 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई, जिसका सीधा बोझ जनता की गाढ़ी कमाई पर पड़ा।
एसीबी की बड़ी कार्रवाई: अब तक 11 गिरफ्तार, 3 अभी भी फरार
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले में अब तक सुबोध अग्रवाल सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, तीन अन्य मुख्य आरोपी मुकेश गोयल (एसई), जितेंद्र शर्मा (एक्सईएन) और संजीव गुप्ता अभी भी कानून की पकड़ से बाहर हैं। कोर्ट ने इनके खिलाफ भी 'स्टैंडिंग वारंट' जारी कर दिया है। अब एसीबी इन भगोड़े आरोपियों की संपत्तियां कुर्क करने और उनके वाहनों की नीलामी करने की तैयारी में जुट गई है।
दिल्ली के फार्महाउस से लेकर नोएडा तक फैले थे तार
फरारी के दौरान डॉ. अग्रवाल ने दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी और हरियाणा के सोहना स्थित एक आलीशान फार्महाउस को भी अपना ठिकाना बनाया था। जांच एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि 50 दिनों तक उन्हें पनाह देने और कानून से बचाने में किन रसूखदार लोगों ने मदद की। जयपुर में होने वाली पूछताछ में कई बड़े नेताओं और विभागीय अधिकारियों के चेहरे से नकाब उतरने की संभावना जताई जा रही है।