झारखंड में हॉस्टल के अंदर तीसरी की छात्रा हुई गर्भवती, प्रिंसिपल हिरासत में, रूह कांप जाएगी ये खबर पढ़कर
News India Live, Digital Desk : झारखंड के चतरा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक आवासीय स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली महज 13 साल की मासूम छात्रा गर्भवती पाई गई है। तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली इस अबोध बच्ची के साथ हुई इस दरिंदगी की खबर जैसे ही बाहर आई, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
पेट दर्द की शिकायत के बाद खुला 'पाप' का कच्चा चिट्ठा
जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची पिछले कुछ समय से आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। हाल ही में जब उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की, तो प्रबंधन और परिजनों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने का फैसला किया। मेडिकल जांच के दौरान जो रिपोर्ट सामने आई, उसने सबके होश उड़ा दिए। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि 13 साल की यह बच्ची गर्भवती है। इस खुलासे के बाद स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
प्रिंसिपल हिरासत में: सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्राथमिक जांच और छात्रा के बयानों के आधार पर पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हॉस्टल के अंदर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम किसने दिया और प्रबंधन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। क्या इसमें प्रिंसिपल की सीधी संलिप्तता है या उनकी लापरवाही के कारण किसी और ने इस घिनौनी हरकत को अंजाम दिया, इसकी जांच की जा रही है।
हॉस्टल में असुरक्षित हैं बेटियां? परिजनों में भारी आक्रोश
इस घटना ने जिले के अन्य आवासीय विद्यालयों में रह रही छात्राओं की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। पीड़ित बच्ची के परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल के अंदर बाहरी लोगों का दखल था और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल की मान्यता और हॉस्टल के नियमों की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया है।
पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, मेडिकल बोर्ड करेगा जांच
पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मासूम बच्ची का दोबारा मेडिकल चेकअप एक विशेष मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जाएगा ताकि साक्ष्यों को मजबूती से कोर्ट में पेश किया जा सके। झारखंड पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रहे हैं और जो भी इस दरिंदगी में शामिल पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।