Rajasthan Highway : जब बचाने वाले खुद हादसे का शिकार हो गए पोकरण NH-11 पर हुई इस दर्दनाक घटना
News India Live, Digital Desk: कहते हैं कि होनी को कोई टाल नहीं सकता, लेकिन जब राहत पहुँचाने वाली टीमें खुद हादसे का शिकार हो जाएं, तो मन घबरा उठता है। राजस्थान के जैसलमेर में पोकरण के पास नेशनल हाईवे 11 (NH-11) पर अभी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। यह कहानी किसी फ़िल्म के दृश्य जैसी ज़रूर लग सकती है, लेकिन इसकी कड़वी हकीकत सड़क पर बिखरे कांच और चीख-पुकार में छिपी है।
वो पहली अनहोनी...
बात शुरू होती है NH-11 पर एक बस हादसे से। कड़ाके की ठंड और शायद रफ़्तार या धुंध की वजह से एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। सडक पर कोहराम मच गया और मुसाफिरों की जान पर बन आई। सूचना मिलते ही पोकरण थाने की पुलिस टीम बिना एक पल गवाए घटनास्थल के लिए रवाना हुई। उनका एकमात्र मकसद था—'हादसे वाली जगह पर जल्द पहुँचकर लोगों की जान बचाना'।
मदद पहुँचने से पहले ही मचा कोहराम!
लेकिन विडंबना देखिये, मदद लेकर पहुँच रही पुलिस की जीप अभी बस वाले स्पॉट पर पहुँची ही थी कि रास्ते में उनके साथ भी बड़ा हादसा हो गया। पुलिस की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। यह मंजर इतना भयानक था कि बचाने निकले जांबाज खुद चोटिल हो गए। इस हादसे में पोकरण के SHO (थानाधिकारी) गंभीर रूप से घायल हो गए। जो टीम लोगों को निकालने जा रही थी, अब उन्हें खुद बाहर निकालने की ज़रूरत आ पड़ी थी।
हादसे के बाद का मंज़र
जब मौके पर भारी पुलिस बल और एम्बुलेंस पहुँची, तो मंजर सचमुच रोंगटे खड़े करने वाला था। एक तरफ बस के घायल मुसाफिर दर्द से कराह रहे थे, तो दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी और जवान भी लहूलुहान हालत में थे। स्थानीय लोगों ने मलबे से जवानों और बस के यात्रियों को बाहर निकाला। फ़िलहाल SHO समेत सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
सवाल रफ़्तार का या सड़क के गड्ढों का?
NH-11 अक्सर हादसों के लिए खबरों में रहता है। स्थानीय लोग दबी जुबान में कहते हैं कि रफ़्तार के साथ-साथ सुरक्षा के मानकों में कमी भी इन हादसों की वजह बनती है। एक पल की चूक कितनी भारी पड़ सकती है, ये कल की घटना ने साफ़ कर दिया। प्रशासन अब दोनों हादसों के कारणों की गहराई से जांच कर रहा है।
हम दुआ करते हैं कि घायल पुलिसकर्मी और बस के मुसाफिर जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। इस पूरी घटना ने एक बात साफ़ कर दी है कि मुसीबत में पड़े लोगों को बचाने के लिए खाकी वर्दीधारी अपनी जान की परवाह भी नहीं करते, और कभी-कभी ये जज्बा उन पर भी भारी पड़ जाता है।
अगर आप भी हाईवे पर सफ़र कर रहे हैं, तो सावधान रहिये सड़क आपकी सजगता का इंतज़ार करती है।