Rajasthan Drug Case : किताबों से करोड़ों के ड्रग्स तक, एक IAS एस्पिरेंट के किंगपिन बनने की अनसुनी कहानी
News India Live, Digital Desk: यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, लेकिन उतनी ही सच्ची और डरावनी है। कहानी एक ऐसे नौजवान की है, जिसकी आँखों में कभी IAS बनकर देश की सेवा करने का सपना था, जिसकी मेज पर मोटी-मोटी किताबें और नोट्स बिखरे रहते थे। लेकिन आज वही नौजवान सलाखों के पीछे है और उसका नाम है- करोड़ों के ड्रग्स नेटवर्क का 'किंगपिन'।
राजस्थान के सिरोही जिले से सामने आई इस घटना ने न सिर्फ पुलिस, बल्कि उन लाखों युवाओं और उनके परिवारों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है, जो सिविल सेवा के इस कठिन रास्ते पर चल रहे हैं।
एक होनहार छात्र से 'मास्टरमाइंड' बनने तक का सफर
कहानी की शुरुआत होती है एक आम से लड़के से, जो पढ़ने में होशियार था और जिसका एक ही लक्ष्य था - UPSC की परीक्षा पास करके अफसर बनना। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने अपना घर-परिवार छोड़ा और शायद दिल्ली या किसी बड़े शहर में कोचिंग के लिए चला गया। दिन-रात की मेहनत, तैयारी का दबाव और साथ में आर्थिक तंगी, यह हर UPSC एस्पिरेंट की जिंदगी का हिस्सा होता है।
लेकिन शायद इसी दबाव और जल्दी अमीर बनने की चाहत ने उसे एक ऐसे रास्ते पर धकेल दिया, जहां से वापसी नामुमकिन थी।
जो दिमाग देश सेवा में लगना था, वो लगा अपराध में
पुलिस की जांच में जब इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, तो वे भी हैरान रह गए। यह कोई मामूली ड्रग पेडलर नहीं था, बल्कि पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड था। उसने अपनी UPSC की तैयारी वाले तेज दिमाग का इस्तेमाल एक खतरनाक ड्रग्स नेटवर्क खड़ा करने में किया।
- प्लानिंग और स्ट्रैटजी: वह किसी शातिर अपराधी की तरह सप्लाई चैन मैनेज करता था। कहाँ से माल उठाना है, कहाँ पहुंचाना ہے, और पुलिस से कैसे बचना ہے, इसकी पूरी प्लानिंग वह वैसे ही करता था जैसे कोई UPSC के लिए अपनी रणनीति बनाता हो।
- कोड वर्ड का इस्तेमाल: वह अपने नेटवर्क में बातचीत करने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को शक न हो।
- कमजोरियों का उठाया फायदा: उसे पता था कि युवाओं में नशे की लत कितनी तेजी से फैल रही है। उसने इसी कमजोरी को अपना हथियार बनाया और एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया।
सिरोही क्यों बना अड्डा?
राजस्थान का सिरोही जिला गुजरात सीमा के पास है, जो इसे ड्रग्स की तस्करी के लिए एक रणनीतिक लोकेशन बनाता है। इसी का फायदा उठाकर उसने यहां अपना अड्डा बनाया और गुजरात समेत कई राज्यों में करोड़ों रुपए की MDMA जैसी सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई शुरू कर दी।
जब पुलिस ने इस नेटवर्क पर शिकंजा कसा और एक-एक करके कड़ियां जोड़ीं, तो वे आखिरकार इस 'UPSC एस्पिरेंट' तक पहुंच गए। उसकी गिरफ्तारी ने यह कड़वा सच सामने ला दिया है कि सपनों और हकीकत के बीच का फासला जब बहुत बढ़ जाता है और शॉर्टकट का लालच हावी हो जाता है, तो एक होनहार भविष्य कितनी आसानी से अंधेरे में खो सकता है।
यह घटना उन सभी के लिए एक चेतावनी है, जो मानते हैं कि सफलता का कोई शॉर्टकट होता है।