Rajasthan Crime : हनुमानगढ़ में हैवानियत 7 लाख के कर्ज के विवाद में शख्स को जिंदा जलाया पेट्रोल छिड़ककर मार डाला
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ महज 7 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में एक व्यक्ति को सरेआम पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
लेनदेन का विवाद बना मौत का कारण पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, मृतक और मुख्य आरोपी के बीच पिछले काफी समय से 7 लाख रुपये के कर्ज को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक ने आरोपी से यह रकम उधार ली थी, जिसे वह किश्तों में चुका रहा था। आरोप है कि बुधवार को जब दोनों के बीच इसी बात को लेकर बहस हुई, तो आरोपी ने अपना आपा खो दिया। उसने पहले से तैयार पेट्रोल की बोतल मृतक पर उड़ेल दी और माचिस जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया।
चीखता रहा शख्स, तमाशबीन बने रहे लोग चश्मदीदों के मुताबिक, आग की लपटों से घिरा व्यक्ति सड़क पर मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। कुछ स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए आग बुझाने की कोशिश की और उसे पास के सरकारी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बीकानेर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी समेत 3 हिरासत में हनुमानगढ़ एसपी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके दो सहयोगियों को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। फॉरेंसिक टीम (FSL) ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं, जिसमें पेट्रोल की बोतल और जले हुए कपड़ों के अवशेष शामिल हैं।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, छावनी बना गांव तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है। राजस्थान में बढ़ते अपराधों और इस तरह की 'तालिबानी' सजा को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।