UAE में कोहराम: ईरान के मिसाइल हमले में भारतीय नागरिक की मौत, खाड़ी देशों में युद्ध का खौफ और ट्रंप का बड़ा ऐलान
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण जंग अब खाड़ी देशों के लिए काल बनती जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में आसमान से गिरे मिसाइल के मलबे ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें एक भारतीय नागरिक समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने खाड़ी देशों में रह रहे लाखों प्रवासियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय और यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जा रही है।
ईरान के हमलों से दहला खाड़ी क्षेत्र: 150 से ज्यादा घायल
यूएई के रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों में अब तक लगभग 150 लोग घायल हो चुके हैं। घायलों में न केवल स्थानीय नागरिक, बल्कि भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के प्रवासी भी शामिल हैं। युद्ध की शुरुआत से ही ईरान ने बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे देशों को अपने निशाने पर ले रखा है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये हमले सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब हवाई अड्डों और होटलों जैसे नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
आखिर क्यों खामोश हैं खाड़ी देश? जानकारों का बड़ा खुलासा
इतने बड़े हमलों के बावजूद सऊदी अरब और यूएई जैसे शक्तिशाली खाड़ी देशों ने ईरान के खिलाफ अब तक खुला मोर्चा नहीं खोला है। अमेरिकी थिंक टैंक 'सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी' की सीनियर फेलो सिना तूसी के अनुसार, खाड़ी देश इस युद्ध को अपना नहीं मान रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, तो यह एक महायुद्ध (Great War) में बदल सकता है, जिससे उनकी चमकती अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को अपूरणीय क्षति होगी। वे 'फायदे से ज्यादा नुकसान' की रणनीति को भांपते हुए फिलहाल संयम बरत रहे हैं।
अर्थव्यवस्था पर चोट: ऊर्जा ठिकानों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान बहुत ही सोची-समझी रणनीति के तहत खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे (Energy Infrastructure) पर हमला कर रहा है। उसे पता है कि इन देशों की रीढ़ तेल और गैस है। इसके साथ ही, ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो सके और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा सके।
डोनाल्ड ट्रंप का चौंकाने वाला ऐलान: 10 दिनों का 'सीजफायर'?
तनाव के चरम पर होने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर सबको हैरान कर दिया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका अगले 10 दिनों तक ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर कोई हमला नहीं करेगा। इस कदम को तनाव कम करने की एक कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि युद्ध के मैदान में शांति कब तक टिकेगी, यह कहना मुश्किल है।