Rajasthan BJP : वो बयान जिसने राजस्थान की सियासत में आग लगा दी, जानिए क्या है धर्मांतरण बिल की पूरी कहानी
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में 'लव जिहाद' और धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राज्य में भोली-भाली हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर और धर्म बदलकर उनकी जिंदगी बर्बाद की जा रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार जल्द ही एक सख्त 'धर्मांतरण विरोधी कानून' लेकर आएगी।
क्या कहा शिक्षा मंत्री ने?
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपनी बात रखते हुए कहा, "हमारी भोली बच्चियों को बहला-फुसलाकर, उनसे धर्म परिवर्तन करवाकर, शादी कर ली जाती है और फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है। उनकी जिंदगी नर्क बन जाती है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में फंसी लड़कियों की पीड़ा को देखते हुए सरकार चुप नहीं बैठ सकती। दिलावर के मुताबिक, यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है और इसे रोकने के लिए एक कड़े और प्रभावी कानून की सख्त जरूरत है, जिस पर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
क्यों है इस कानून की चर्चा?
राजस्थान में धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर बहस काफी पुरानी है, लेकिन भजनलाल सरकार के आने के बाद से इस पर तेजी से काम होने की खबरें आ रही हैं। सरकार का मानना है कि धोखे से, लालच देकर या जबरदस्ती धर्म बदलवाना एक अपराध है और इसे रोका जाना चाहिए। प्रस्तावित कानून में इस तरह के मामलों को गैर-जमानती अपराध बनाने और दोषियों के लिए कठोर सजा का प्रावधान करने की बात चल रही है।
सरकार की दलील है कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि जबरन धर्मांतरण के खिलाफ है। इसका मकसद उन बेटियों की रक्षा करना है जो किसी साजिश का शिकार हो जाती हैं।
विपक्ष उठा सकता है सवाल
हालांकि, जैसे ही यह कानून विधानसभा में पेश होगा, इस पर हंगामा होना तय है। विपक्षी दल और कुछ संगठन इसे अल्पसंख्यकों के खिलाफ बताकर विरोध कर सकते हैं। उनका तर्क होता है कि संविधान हर किसी को अपनी पसंद का धर्म चुनने की आजादी देता है और इस तरह का कानून उस आजादी में दखलंदाजी होगी।
फिलहाल, शिक्षा मंत्री के इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार कब इस कानून का ड्राफ्ट पेश करती है और उसका स्वरूप क्या होता है।