रेलवे ग्रुप डी 2025 सिर्फ 22,000 वैकेंसी सुनकर भड़के छात्र, योग्यता ITI vs 10th पर भी फंसा पेंच

Post

News India Live, Digital Desk: अगर आप भी उन लाखों छात्रों में से हैं जो पिछले कई सालों से रेलवे ग्रुप डी (Level-1) भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए एक खबर है और शायद यह खबर आपको थोड़ी मायूस कर दे। बाजार में चर्चा गरम है कि रेलवे जल्द ही नई ग्रुप डी भर्ती का ऐलान करने वाला है, लेकिन पदों की संख्या ने सबकी नींद उड़ा दी है।

सपना 1 लाख का, हकीकत 22 हजार की?

हम सब जानते हैं कि रेलवे में नौकरियों का सूखा पड़ा हुआ है। पिछली बड़ी भर्ती 2019 में आई थी (RRC-01/2019)। अब 2025 के अंत में खबर आ रही है कि रेलवे बोर्ड सिर्फ 22,000 पदों के आसपास वैकेंसी निकालने की तैयारी में है।

छात्रों का गुस्सा होना बिल्कुल लाजमी है। आरटीआई (RTI) और खुद रेलवे के पुराने आंकड़ों की मानें तो रेलवे में अभी भी लाखों पद खाली पड़े हैं। ऐसे में छात्र सवाल पूछ रहे हैं कि "6 साल के लंबे इंतजार के बाद सिर्फ 22 हजार वैकेंसी? यह तो ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है।" सोशल मीडिया पर छात्र इसे लेकर एक बड़ा आंदोलन छेड़ने के मूड में हैं। मांग साफ है—सीटें बढ़ाओ।

सबसे बड़ा डर: क्या 10वीं पास बाहर हो जाएंगे?

पदों की कम संख्या के बाद, दूसरा जो बम फूटा है, वो है योग्यता (Eligibility) को लेकर। अब तक ग्रुप डी का फॉर्म कोई भी 10वीं पास (Matriculation) भर सकता था। लेकिन इस बार हवा यह है कि ITI (Industrial Training Institute) या अप्रेंटिसशिप को अनिवार्य किया जा सकता है।

  • क्या सच में ऐसा होगा? दरअसल, रेलवे ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि टेक्निकल विभागों (जैसे इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल) में सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए अब टेक्निकल डिग्री (ITI) वालों को लिया जाएगा।
  • सिर्फ कुछ पद (जैसे मेडिकल या ट्रैफिक डिपार्टमेंट) ही शायद 10वीं वालों के लिए बचें। अगर ऐसा हुआ, तो करोड़ों वो छात्र रेस से बाहर हो जाएंगे जिनके पास सिर्फ 10वीं की डिग्री है।

अब आगे क्या?

फिलहाल, रेलवे की तरफ से आधिकारिक नोटिफिकेशन (Detailed Notification) का इंतजार किया जा रहा है, जो दिसंबर-जनवरी में आ सकता है। तभी यह साफ़ होगा कि असल में कितनी सीटें आ रही हैं और कौन फॉर्म भर पाएगा।

लेकिन एक बात तो तय है—अगर सरकार ने वैकेंसी नहीं बढ़ाई या योग्यता के नियमों में छूट नहीं दी, तो आने वाले दिनों में रेलवे छात्रों का यह आंदोलन सड़क पर भी दिखाई दे सकता है। तब तक के लिए, अपनी पढ़ाई जारी रखें, क्योंकि 22 हजार सीटों के लिए कॉम्पीटिशन ऐतिहासिक होने वाला है।