Punjab Floods : बाढ़ में डूबा पंजाब, अब राहत के लिए दिल्ली की ओर देख रहे लोग
News India Live, Digital Desk: Punjab Floods : इस साल की बाढ़ ने पंजाब के कई जिलों में ऐसी तबाही मचाई है जिसे भुलाने में शायद सालों लग जाएंगे। खासकर फाजिल्का और फिरोजपुर जैसे जिलों के सैकड़ों गांव आज भी पानी में डूबे हुए हैं। सतलुज नदी का पानी जब गांवों में घुसा तो अपने साथ लोगों के घर, सपने और उम्मीदें, सब कुछ बहा ले गया। फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और जिन किसानों के चेहरे पर कभी मेहनत की चमक होती थी, आज उनकी आँखों में सिर्फ बेबसी और भविष्य की चिंता है।
खेत बन गए तालाब, घर हो गए खंडहर
हालात इतने खराब हैं कि कई इलाकों में खेत और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो गया है। हजारों एकड़ फसल पानी में गल चुकी है। लोगों ने जैसे-तैसे अपनी और अपने मवेशियों की जान बचाई, लेकिन उनका घर-बार और रोजी-रोटी का जरिया सब तबाह हो गया। सरकार अपनी तरफ से राहत के काम कर रही है, लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और खाने-पीने का इंतजाम भी किया जा रहा है, लेकिन यह नाकाफी है।
असली लड़ाई अब शुरू हुई है: पैसे की कमी
लोगों को इस मुश्किल से बाहर निकालने के लिए सबसे बड़ी जरूरत है आर्थिक मदद की। पंजाब सरकार का कहना है कि बाढ़ से हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की टीमें भी दौरा करके जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक राहत पैकेज का ऐलान नहीं हुआ है। पंजाब सरकार लगातार केंद्र से वित्तीय मदद की मांग कर रही है, ताकि किसानों को मुआवजा दिया जा सके और टूटे हुए घरों और सड़कों को फिर से बनाया जा सके।
यह इंतजार बाढ़ पीड़ितों पर भारी पड़ रहा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे अपना भविष्य कैसे संवारेंगे। फसल बर्बाद होने का मतलब है कि अगली फसल के लिए बीज और खाद खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। सरकार ने अपने स्तर पर मुआवजे का ऐलान तो किया है, लेकिन जब तक केंद्र से बड़ी मदद नहीं मिलती, तब तक इतने बड़े नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल है।
फिलहाल, पंजाब के लोग टूटे हुए हौसलों के साथ अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। सबकी निगाहें अब दिल्ली पर टिकी हैं कि वहां से मदद का ऐलान कब होता है, ताकि उनके जख्मों पर कुछ मरहम लग सके।