Punjab Education Department : पंजाब में बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चुनौती, क्या सुरक्षित हैं आपके बच्चों के स्कूल?

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News India Live, Digital Desk:  Punjab Education Department : करीब 12-15 दिनों के लंबे इंतजार के बाद आज पंजाब के ज्यादातर सरकारी स्कूलों में फिर से बच्चों की खिलखिलाहट गूंजी. विनाशकारी बाढ़ के कारण 27 अगस्त से बंद चल रहे स्कूलों को आज, यानी 9 सितंबर से छात्रों के लिए फिर से खोल दिया गया है. हालांकि, बाढ़ की मार झेल रहे कई जिलों में हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं, जिसके चलते वहां के स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखा गया है.

एक दिन पहले शिक्षकों ने संभाला मोर्चा

छात्रों के आने से एक दिन पहले, यानी सोमवार को, सभी स्कूलों में शिक्षक और स्टाफ पहुंचे थे. उन्होंने सरकार के निर्देशानुसार स्कूल भवनों की सुरक्षा का जायजा लिया, कक्षाओं की साफ-सफाई की और यह सुनिश्चित किया कि स्कूल बच्चों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हों. शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने "आओ, अपने गांव के स्कूल को साफ करें" नाम से एक राज्यव्यापी अभियान भी शुरू किया है, जिसमें उन्होंने आम लोगों से भी स्कूलों की सफाई में मदद करने की अपील की है.

कहां-कहां अभी भी बंद रहेंगे स्कूल?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है या जहां स्कूल की इमारतों को नुकसान पहुंचा है, वहां स्कूल नहीं खोले जाएंगे. इसका अंतिम निर्णय स्थानीय जिला आयुक्त (डीसी) ले रहे हैं.

  • फाजिल्का और फिरोजपुर: इन जिलों में लगभग 30-36 स्कूल अभी भी पानी में डूबे हुए हैं, इसलिए वे अगले आदेश तक बंद रहेंगे.
  • अमृतसर: अजनाला और लोपोके डिवीजनों के स्कूल 12 सितंबर तक बंद रहेंगे.
  • गुरदासपुर और पठानकोट: गुरदासपुर में 61 और पठानकोट में 29 स्कूलों में छुट्टियां जारी रहेंगी.
  • संगरूर: यहां करीब 50 स्कूल बंद हैं. इनमें से 24 स्कूलों की इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जबकि बाकी घग्गर नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बंद हैं.

निजी स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही छात्रों को बुलाएं.राज्य में आई 30 सालों की सबसे भीषण बाढ़ ने करीब 20,000 सरकारी स्कूलों को प्रभावित किया है. सरकार और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित माहौल में जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके.