Property Registry New Rules 2026: पत्नी के नाम जमीन खरीदी तो खैर नहीं! अब पाई-पाई का देना होगा हिसाब, बदल गए रजिस्ट्री के नियम
नई दिल्ली/लखनऊ। अगर आप भी अपनी पत्नी के नाम पर संपत्ति (Property) खरीदकर टैक्स बचाने या बेनामी लेनदेन की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के नियमों में आमूलचूल बदलाव कर दिए हैं। अब केवल पत्नी के नाम पर मकान या जमीन की रजिस्ट्री करा लेना ही काफी नहीं होगा, बल्कि खरीदार को यह भी साबित करना होगा कि उस संपत्ति को खरीदने के लिए पैसा कहां से आया। सरकार का यह सख्त कदम बेनामी संपत्ति और कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
रजिस्ट्री से पहले दिखानी होगी 'पैसे की कुंडली'
नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अपनी आय से पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीदता है, तो उसे धन के वैध स्रोत (Source of Income) का पुख्ता प्रमाण देना अनिवार्य होगा। अब रजिस्ट्री कार्यालय केवल कागजों पर हस्ताक्षर नहीं देखेगा, बल्कि यह भी जांचेगा कि पैसा बैंक ट्रांसफर, चेक या डिजिटल माध्यम से आया है या नहीं। यदि आपके पास बैंकिंग ट्रेल (Banking Trail) का रिकॉर्ड नहीं है, तो आपकी रजिस्ट्री बीच में ही रोकी जा सकती है। नकद लेनदेन पर सरकार की पैनी नजर है और भारी-भरकम कैश पेमेंट को अब सीधे तौर पर हतोत्साहित किया जा रहा है।
आयकर विभाग और रजिस्ट्री ऑफिस का बढ़ा 'गठबंधन'
भ्रष्टाचार और काले धन पर प्रहार करने के लिए अब रजिस्ट्रेशन कार्यालय और आयकर विभाग (Income Tax Department) ने हाथ मिला लिया है। दोनों विभागों के बीच डेटा साझा करने की प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। इसका मतलब यह है कि जैसे ही आप कहीं भी संपत्ति की रजिस्ट्री कराएंगे, उसकी सूचना तुरंत आयकर विभाग के पास पहुंच जाएगी। यदि लेनदेन संदिग्ध पाया गया या संपत्ति की कीमत घोषित आय से मेल नहीं खाई, तो तुरंत नोटिस जारी किया जा सकता है।
वर्किंग वुमन के लिए भी बदल गए कायदे
यदि पत्नी अपनी खुद की कमाई से प्रॉपर्टी खरीद रही हैं, तो उन्हें भी अब रियायत नहीं मिलेगी। उन्हें अपने आयकर रिटर्न (ITR), सैलरी स्लिप, फॉर्म-16 या बिजनेस इनकम के दस्तावेज पेश करने होंगे। अधिकारियों द्वारा बारीकी से यह जांचा जाएगा कि संपत्ति का मूल्य महिला की वास्तविक कमाई के दायरे में आता है या नहीं। इससे बाजार में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों से भी सुरक्षा मिलेगी।
गिफ्ट डीड (Gift Deed) के बिना अब काम नहीं चलेगा
अक्सर पति अपनी पत्नी को पैसे 'गिफ्ट' देकर संपत्ति खरीदते हैं। सरकार ने अब इस पर भी शिकंजा कसा है। यदि आप पत्नी को धन उपहार में देकर प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं, तो अब एक औपचारिक 'गिफ्ट डीड' बनाना और उसका विधिवत रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बिना उचित दस्तावेजीकरण के अब संपत्ति का मालिकाना हक मिलना मुश्किल हो सकता है। जानकारों का मानना है कि हालांकि शुरुआती दौर में कागजी कार्यवाही बढ़ती हुई दिखेगी, लेकिन लंबी अवधि में यह निवेशकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करेगा।